उत्‍तराखंड: सात लाख किसानों को पीएम सम्मान निधि

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से कुल 7,19,644 किसान लाभान्वित हुए हैं।

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से कुल 719644 किसान लाभान्वित हुए हैं। इन्हें 485.74 करोड़ की राशि वितरित की गई है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में 40070 नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। खेती में सुधार को लेकर सरकार के प्रयासों को कामयाबी मिली है।

Sumit KumarFri, 05 Mar 2021 04:10 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, देहरादून: उत्तराखंड में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से कुल 7,19,644 किसान लाभान्वित हुए हैं। इन्हें 485.74 करोड़ की राशि वितरित की गई है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में 40,070 नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। प्रदेश में किसानों को राहत पहुंचाने के साथ खेती में सुधार को लेकर सरकार के प्रयासों को कामयाबी मिली है। सरकार की ओर से जारी आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े यही कुछ बयां कर रहे हैं। प्रदेश में अब तक 6,05,072 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी हो चुके हैं।

दीनदयाल उपाध्याय किसान योजना के तहत राज्य के लघु सीमांत व गरीबी रेखा से नीचे किसानों को खेती के कार्यों के लिए सहकारी समितियों ने एक लाख और खेती से इतर कार्यों में पशुपालन, जड़ी-बूटी, सगंध पादप, दुग्ध व्यवसाय, जैविक खेती, बेमौसमी सब्जी उत्पादन और पाली हाउस के लिए तीन लाख और स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख तक ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

फलों में नाशपाती का सर्वाधिक उत्पादन

2020-21 में जनवरी माह तक कुल 147.78 लाख कुंतल गन्ने की पेराई करते हुए 14.65 लाख चीनी का उत्पादन किया गया है। वर्ष 2019-20 में 6.77 लाख मीट्रिक टन फलों को उत्पादन हुआ, जबकि 7.2 लाख हेक्टेयर भूमि में सब्जियों की पैदावार 6.45 मीट्रिक टन रही है। वहीं 1.6 हेक्टेयर भूमि में 4.9 लाख फूलों का उत्पादन होने की संभावना है। राज्य में फल उत्पादन में पहले स्थान पर नाशपाती, दूसरे स्थान पर आड़ू व तीसरे स्थान पर सेब है। 2019-20 में सेब उत्पादक किसानों से करीब 1400 मीट्रिक टन से अधिक ए, बी व सी ग्रेड का सेब खरीदा गया। कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखे गए 944 मीट्रिक टन से अधिक ए ग्रेड सेब को फरवरी माह में बाजार में बेचा गया।

यह भी पढ़ें- पीडब्‍ल्‍यूडी अब काठगोदाम टू गौलापार खेड़ा की सड़क की मरम्मत नहीं करवाएगा

 मक्का से 2500 टन सायलेज

हरिद्वार व देहरादून में नौ सहकारी समितियों (पैक्स) के माध्यम से करीब 500 एकड़ क्षेत्रफल में क्लस्टर आधारित सहकारी खेती के आधार पर मक्का फसल से करीब 2500 मीट्रिक टन सायलेज तैयार किया जा रहा है। किसानों को अपनी भूमि में मक्का उत्पादन के लिए जुताई, सिंचाई, बीज, खाद्य आदि समस्त खर्चों का भुगतान सहकारी समिति के माध्यम से किया जा रहा है।

महिलाओं की बढ़ी डेयरी समितियों में भागीदारी

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढऩे के साथ ही डेयरी समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। दिसंबर, 2020 तक तक औसत दैनिक दुग्ध उत्पादन 1,62,390 किलो 1200 रहा, जबकि इस अवधि तक महिला डेयरी समितियों में 43692 महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी हुई है। प्रदेश में औसत तरल दूध की बिक्री 163099 किलो है। यानी दैनिक जरूरत से करीब 709 किलो दूध की आपूर्ति कम हो पा रही है।

यह भी पढ़ें- चमोली की ऋषिगंगा झील से पानी निकालने का साइफोनिक एक्शन सुरक्षित तरीका, आइआइटी रुड़की के वैज्ञ‍ानिकों ने भेज रिपोर्ट

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.