उत्तराखंड: पेयजल कर्मियों ने भी फूंका आंदोलन का बिगुल, पांच से 10 तक जनप्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन

पेयजल निगम और जल संस्थान के एकीकरण और राजकीयकरण समेत अन्य मांगों को लेकर पेयजल कर्मियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने पांच अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का एलान किया है।

Raksha PanthriWed, 28 Jul 2021 01:57 PM (IST)
पेयजल कर्मियों ने भी फूंका आंदोलन का बिगुल, पांच से 10 तक जनप्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन।

जागरण संवाददाता, देहरादून। पेयजल निगम और जल संस्थान के एकीकरण और राजकीयकरण समेत अन्य मांगों को लेकर पेयजल कर्मियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने पांच अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। साथ ही अक्टूबर अंत से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह देव ने बताया कि पेयजल निगम व जल संस्थान के एकीकरण व राजकीयकरण के लिए उच्च स्तरीय समिति कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गठित है, लेकिन, मांगों पर आज तक निर्णय नहीं लिया गया है। कहा कि पेयजल निगम व जल संस्थान के एकीकरण-राजकीयकरण से अधिष्ठान व्यय में कटौती होगी, जो राज्य के लिए लाभदायक है। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में वर्तमान तक विशेष प्रगति नहीं हो पाई है। इसका मुख्य कारण पेयजल व्यवस्था के लिए राज्य में एकीकृत पेयजल विभाग का न होना है।

उत्तराखंड को छोड़कर देश के समस्त राज्यों में पेयजल के लिए एकीकृत विभाग उत्तरदायी हैं, जिस कारण अन्य राज्यों में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के कार्यों की प्रगति काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि राज्य में गुरुत्व स्रोतों के कम होते स्राव व गिरते भूजल स्तर को देखते हुए आने वाले समय में पेयजल की समस्या जटिल होनी स्वाभाविक है। इसके अलावा उन्होंने अप्रैल से कार्मिकों का वेतन व पेंशन जारी न करने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की है। बताया कि मंगलवार को आयोजित बैठक में समिति की प्रांतीय कार्यकारिणी ने मांगों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया।

यह रहेगी आंदोलन की रूपरेखा

- पांच से 10 अगस्त तक जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

- 11 अगस्त को समस्त जनपद व नगर इकाइयों की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व पेयजल मंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।

- 21 अगस्त को प्रदेशभर में गेट मीटिंग।

- 18 सितंबर को गढ़वाल मंडल के सदस्यों का प्रधान कार्यालय पर धरना।

- 20 सितंबर को कुमाऊं मंडल के सदस्यों का मुख्य अभियंता कार्यालय, हल्द्वानी में धरना।

- 25 से 27 अक्टूबर तक समस्त इकाइयों का धरना।

- 28 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल।

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