Road Safety Week: उत्तराखंड में सड़क हादसों पर अंकुश लगाएंगी पैट्रोलिंग टीमें, बनाई गई है ये योजना

उत्तराखंड में सड़क हादसों पर अंकुश लगाएंगी पैट्रोलिंग टीमें।

Road Safety Week सुरक्षित यातायात के लिए यातायात निदेशालय की ओर से बड़े जिलों में हाईवे पैट्रोलिंग टीम गठित करने की योजना बनाई गई है। मौजूदा समय में हाईवे पर होने वाले हादसों में बचाव कार्य के लिए चीता पुलिस को भेजा जाता है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 09:33 AM (IST) Author: Raksha Panthari

देहरादून, जेएनएन। Road Safety Week सुरक्षित यातायात के लिए यातायात निदेशालय की ओर से बड़े जिलों में हाईवे पैट्रोलिंग टीम गठित करने की योजना बनाई गई है। मौजूदा समय में हाईवे पर होने वाले हादसों में बचाव कार्य के लिए चीता पुलिस को भेजा जाता है। कई बार पुलिस के देरी से पहुंचने से हादसे में घायलों की जान तक चली जाती है। हाईवे पैट्रोलिंग टीम का काम सिर्फ हाईवे पर होने वाले हादसों में राहत-बचाव कार्य और वाहन चालकों को जागरूक करना होगा।

उधर, यातायात नियमों की जानकारी बच्चों को प्राइमरी कक्षा से मिले, इसके लिए यातायात निदेशालय की ओर से पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। निदेशालय की ओर से शिक्षा विभाग से कहा गया है कि बच्चों को शुरू से ही यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जाए और पेपरों में यातायात संबंधी प्रश्न पूछे जाएं, जिससे बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी रहे। बढ़ते यातायात को देखते हुए चार जिलों में स्थायी यातायात कार्यालय खोलने की योजना बनाई है। ये कार्यालय टिहरी के तपोवन, उत्तरकाशी, पौड़ी के कोटद्वार व नैनीताल के काठगोदाम में खुलेंगे।

यातायात विभाग में 312 पदों पर होगी भर्ती

यातायात विभाग में जल्द 312 पदों पर भर्ती होने जा रही है। इनमें 98 सब इंस्पेक्टर, 206 कांस्टेबल व आठ तकनीशियन के पद शामिल हैं। इसी तरह विभाग की ओर से नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में ट्रैफिक लाइटें भी लगाई जा रही हैं। इसके लिए शासन की ओर से 4.20 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रैफिक लाइटों में कोई तकनीकी दिक्कत आने पर अब विभाग के तकनीशियन ही उसे ठीक करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इन योजनाओं से टैफिक व्यवस्था में काफी सुधार आएगा।

निदेशक यातायात केवल खुराना ने बताया कि यातायात विभाग में सुरक्षित यातायात के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। भर्ती होने के बाद हाईवे पर पैट्रोलिंग टीमें गठित होंगी, जिससे वाहन चालकों को जागरूक करने के साथ कोई हादसा होने पर तुरंत राहत बचाव कार्य किया जा सके। शिक्षा विभाग से कहा गया है कि यातायात के नियम सिलेबस में शामिल किए जाएं।

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