नोटिस पर भड़के आउटसोर्स कर्मचारी, देहराखास स्थित दून मेडिकल कालेज परिसर में किया प्रदर्शन

दून मेडिकल कालेज में कोविड के दौरान संविदा (आउटसोर्स) पर रखे गए स्वास्थ्य कर्मचारियों को 31 जुलाई बाद नौकरी से हटाए जाने का नोटिस जारी होने पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। आम आदमी पार्टी ने भी उनको अपना समर्थन दिया।

Raksha PanthriWed, 28 Jul 2021 08:19 AM (IST)
नोटिस पर भड़के आउटसोर्स कर्मचारी। प्रतीकात्मक फोटो

जागरण संवाददाता, देहरादून। दून मेडिकल कालेज में कोविड के दौरान संविदा (आउटसोर्स) पर रखे गए स्वास्थ्य कर्मचारियों को 31 जुलाई बाद नौकरी से हटाए जाने का नोटिस जारी होने पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। आम आदमी पार्टी ने भी उनको अपना समर्थन दिया।

मंगलवार को संविदा कर्मचारी देहराखास स्थित मेडिकल कालेज परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने कालेज में एक कार्यक्रम में शामिल होने को पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत का घेराव भी किया। जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। इसके बाद आक्रोशित कर्मचारी शांत हुए। संविदा कर्मचारियों का कहना था कि कोरोनाकाल में उन्हें दून मेडिकल कालेज में नियुक्त किया गया। तब उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कार्य किया है। लेकिन अब कोरोना संक्रमण के लिहाज से स्थिति सामान्य होने के बाद उन्हें नौकरी से हटाया जा रहा है।

इस मौके पर कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन करने पहुंचे आप प्रवक्ता रविन्द्र सिंह आनंद व अन्य कार्यकत्र्ताओं ने भी प्रबंधन द्वारा जारी नोटिस का विरोध किया है। कहा कि सरकार व कालेज प्रबंधन के इस रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में सर्किल हेड मुकेश सिंह, जितेंद्र बहल, विशाल बंसल, प्रवीण, आशीष आदि शामिल रहे।

शिक्षकों ने की डीए बहाल करने की मांग

राजकीय कर्मचारियों की महंगाई भत्ते (डीए) पर लगी रोक हटाने की मांग तेज होने लगी है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर शिक्षक- कर्मचारियों का डीए जारी करने की मांग की है। साथ ही केंद्र की तर्ज पर डीए बढ़ाने की अपील भी की। संघ के निवर्तमान प्रदेश महामंत्री राजेंद्र बहुगुणा ने कहा कि एक जनवरी 2020 से शिक्षक एवं कर्मचारियों के डीए पर रोक लगी है। जबकि वर्तमान में कोरोना संक्रमण काबू में आ गया है। केंद्र सरकार ने भी केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ोतरी के साथ डीए देना शुरू कर दिया है। कहा कि पूरे कोरोनाकाल में शिक्षकों ने अपना और अपने परिवार की चिंता किए बिना काम किया। बावजूद इसके सरकार कर्मचारियों को डीए तक नहीं दिया जा रहा। यह शिक्षक, काॢमकों के प्रति नाइंसाफी और उनके मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डालने जैसा है।

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