विधायक का चालान काटने वाले दारोगा के तबादले ने पकड़ा तूल, विपक्ष ने खोला मोर्चा

रुड़की के भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा का चालान काटने वाले दारोगा नीरज कठैत के तबादले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्ष ने इस मामले में सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं पुलिस महकमे में भी अंदरखाने इस कार्रवाई का विरोध हो रहा है।

Raksha PanthriFri, 18 Jun 2021 12:05 PM (IST)
विधायक का चालान काटने वाले दारोगा के तबादले ने पकड़ा तूल, विपक्ष ने खोला मोर्चा।

जागरण संवाददाता, देहरादून। रुड़की के भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा का चालान काटने वाले दारोगा नीरज कठैत के तबादले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्ष ने इस मामले में सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं, पुलिस महकमे में भी अंदरखाने इस कार्रवाई का विरोध हो रहा है।

दूसरी तरफ, बताया जा रहा है कि दारोगा की ओर से इस मामले में एक बयान भी दिया गया, जो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी भी जताई थी। उन्हें हटाए जाने की एक वजह इस वीडियो व बयान को भी माना जा रहा है। उधर, विधायक ने दारोगा के विरुद्ध जांच की मांग की है। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक नगर सरिता डोबाल को सौंपी गई है। चर्चा यह भी है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए दारोगा का तबादला किया गया। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र सिंह रावत का कहना है कि दारोगा को मसूरी में तीन साल हो चुके थे। इसी कारण नियमावली के आधार पर उनका तबादला कालसी किया गया।

इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पुलिस के लिए खास और आम सब बराबर होने चाहिए। मसूरी में दारोगा ने मास्क नहीं पहनने पर विधायक प्रदीप बत्रा का चालान काटा, जोकि नियमानुसार सही था। विधायक ने सरकार का रौब दिखाकर दारोगा का तबादला करा दिया, जो सरासर गलत है। पुलिस को सरकार के दबाव में न आकर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि सरकार एक विधायक के दबाव में आकर काम कर रही है। जब पुलिस मास्क नहीं पहनने पर आम आदमी का चालान काट सकती है तो फिर विधायक का क्यों नहीं। इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल टूटता है। सरकार की इस प्रकार की दबाव की नीति का कांग्रेस विरोध करती है।

मसूरी में कई संगठनों ने दिया धरना

मास्क नहीं पहनने पर विधायक का चालान काटने वाले दारोगा का तबादला किए जाने के विरोध में गुरुवार को मसूरी में कई संगठनों ने धरना-प्रदर्शन दिया। इस मामले में मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को उप जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल, महामंत्री जगजीत कुकरेजा और कोषाध्यक्ष नागेंद्र उनियाल ने ज्ञापन में कहा कि कर्फ्यू के नियम सब पर समान रूप से लागू हैं। ऐसे में एसोसिएशन इस कार्रवाई की निंदाकरती है। ऐसे राजनीतिक दखल से पुलिस का मनोबल गिरता है।

वहीं, नगर कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने दारोगा के तबादले के विरोध में शहीद स्थल पर धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि भाजपाई सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। धरना देने वालों में सभासद नंदलाल सोनकर, दर्शन सिंह रावत, अरविंद सोनकर, भगवान सिंह धनाई, विनोद सेमवाल आदि शामिल रहे। उधर, सामाजिक कार्यकर्ता यश गुप्ता ने कोरोनाकाल में किए गए सेवा कार्यों के लिए मिला सम्मान पत्र विरोध स्वरूप उप जिलाधिकारी को लौटा दिया।

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