उत्तराखंड की राज्यपाल मौर्य ने की घोषणा, कोविड में अनाथ हुए छात्रों के लिए दून विवि में एक सीट आरक्षित

राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कोरोनाकाल में अनाथ हुए छात्रों के लिए दून विश्वविद्यालय के प्रत्येक पाठ्यक्रम में इस सत्र से एक सीट आरक्षित करने की घोषणा की है। यह सीट निर्धारित सीटों के अतिरिक्त होगी। इस सीट पर दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को निश्शुल्क शिक्षा मिलेगी।

Raksha PanthriSat, 31 Jul 2021 10:26 AM (IST)
कोविड में अनाथ हुए छात्रों के लिए दून विवि में एक सीट आरक्षित।

जागरण संवाददाता, देहरादून। राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कोरोनाकाल में अनाथ हुए छात्रों के लिए दून विश्वविद्यालय के प्रत्येक पाठ्यक्रम में इस सत्र से एक सीट आरक्षित करने की घोषणा की है। यह सीट निर्धारित सीटों के अतिरिक्त होगी। इस सीट पर दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को निश्शुल्क शिक्षा मिलेगी।

शुक्रवार को राज्यपाल ने दून विवि में डा. आंबेडकर चेयर सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि दून के चकराता क्षेत्र की अनुसूचित जाति, जनजाति व प्रदेश के अन्य आदिवासी क्षेत्र के लोग उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्ययंत्रों, पारंपरिक वेशभूषा व कलाकृतियों को संजोए हैं। इनके संरक्षण के लिए डा. आंबेडकर चेयर काम करेगा। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय समाज के ताने-बाने की गहरी समझ रखने वाले बाबा साहेब ने संविधान में विभिन्न कानूनों का समावेश किया, ताकि देश की आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने दून विवि में इस सत्र से गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स व उत्तराखंड की लोक कला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की घोषणा की।

दून विवि में बनेगा अटल चेयर सेंटर : धन सिंह

एनटीपीसी चेयर, डा. आंबेडकर चेयर के बाद अब दून विश्वविद्यालय को जल्द ही अटल चेयर सेंटर मिलेगा। अटल चेयर सेंटर भी समाज के गरीब एवं जरूरतमंदों की सेवा को समर्पित होगा। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कही। दून विवि में प्रदेश के पहले डा. आंबेडकर चेयर सेंटर के उद्घाटन मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि डा. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाते हुए 23वें स्थान से तीसरा स्थान प्राप्त किया है, जो खुशी का विषय है।

कहा कि वर्ष 2022 में देश को सबसे ज्यादा आइएएस व आइपीएस देने वाला राज्य उत्तराखंड बनेगा। ई-ग्रंथालय में 20 लाख किताबें छात्रों के लिए उपलब्ध हैं। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में शत फीसद प्राचार्य व 93 फीसद प्रवक्ताओं की नियुक्ति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 35 दिनों के भीतर 22 करोड़ की लागत से बने डा. नित्यानंद हिमालयी शोध संस्थान का उद्घाटन किया जाएगा।

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