कोरोना काल में उत्तराखंड के दस लाख परिवारों को बड़ी राहत, अब मिलेगा इतना खाद्यान्न

कोरोना काल में उत्तराखंड के दस लाख परिवारों को बड़ी राहत।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोरोना काल में राज्य खाद्य योजना के 10 लाख परिवारों को बड़ी राहत दी है। तीन महीनों यानी जुलाई तक उन्हें 20-20 किलो खाद्यान्न मिलेगा। इसमें 10 किलो गेहूं व 10 किलो चावल शामिल है।

Raksha PanthriWed, 12 May 2021 07:55 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोरोना काल में राज्य खाद्य योजना के 10 लाख परिवारों को बड़ी राहत दी है। तीन महीनों यानी जुलाई तक उन्हें 20-20 किलो खाद्यान्न मिलेगा। इसमें 10 किलो गेहूं व 10 किलो चावल शामिल है। राज्य खाद्य योजना के तहत करीब 10 लाख राशनकार्डधारकों यानी करीब 40 लाख व्यक्तियों को ज्यादा सस्ता खाद्यान्न दिया जाएगा। 

खाद्य सचिव सुशील कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी किए गए हैं। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को साढ़े सात किलो खाद्यान्न हर महीने मुहैया कराया जाता है। इसमें पांच किलो गेहूं और 2.5 किलो चावल है। गेहूं 8.60 रुपये प्रति किलो और चावल 11 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाता है। खाद्य सचिव ने बताया कि अब खाद्यान्न की मात्रा में 12.50 किलो की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि चालू माह मई से लागू होगी। इस माह आगामी 18 या 19 तारीख से खाद्यान्न वितरण प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद अगले दो महीने जून और जुलाई में पहली तारीख से ही खाद्यान्न वितरित होगा। 

उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खाद्यान्न का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इस पर करीब 37 करोड़ का आर्थिक व्ययभार सरकार पर पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश के 13.84 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाइ-3) में चालू माह से प्रति यूनिट पांच-पांच किलो मुफ्त खाद्यान्न शुरू किया जा चुका है। इसमें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसएस) के तहत खाद्यान्न दो माह यानी जून तक दिया जाएगा। यह अतिरिक्त खाद्यान्न है। पूर्व व्यवस्था भी साथ में जारी है। 

9225 राशन विक्रेताओं को प्राथमिकता से लगेगा टीका

राज्य सरकार ने अहम फैसला लेते हुए सभी 9225 राशन विक्रेताओं को प्राथमिकता के साथ कोविड-19 टीका लगाने का निर्णय लिया है। खाद्य सचिव ने बताया कि राशन विक्रेताओं की कोरोना संकट काल में राज्यवासियों को सस्ता खाद्यान्न मुहैया कराने में अहम भूमिका है। इसे देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। इससे विक्रेताओं को राहत रहेगी। साथ ही सस्ता खाद्यान्न देते हुए कोरोना से संक्रमण के खतरे को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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