गैरसैंण विस भवन निर्माण में मानकों की अनदेखी पर जुर्माना

देहरादून, राज्य ब्यूरो। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गैरसैंण (चमोली) में विधानसभा भवन निर्माण में पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी के मामले में सख्त कदम उठाया है। एनजीटी ने स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (एसईएसी) को प्रदेश सरकार पर मानकों की अनदेखी करने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। 

चमोली जिले की गैंरसैण तहसील के अंतर्गत भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन का निर्माण किया जा रहा है। सरकार ने 20 हजार वर्ग मीटर के भीतर निर्माण कार्य किए जाने का हवाला देते हुए इसकी पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं ली थी। अब यहां तकरीबन 25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य हो चुका है। ऐसे में इसकी पर्यावरणीय स्वीकृति ली जानी जरूरी थी। इस मामले में विक्रांत टोंगड नामक एक पर्यावरण कार्यकर्ता ने एक याचिका एजनीटी में दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि सरकार ने 100 एकड़ जमीन में विधानसभा भवन के साथ ही मंत्रियों और अधिकारियों के भवन का निर्माण बिना पर्यावरणीय अनुमति लिए किया है। 
यहां तक कि यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रावधान भी नहीं किया गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने एसईएसी को सरकार पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने एसईएसी से इस मामले को पर्यावरण कानून के उल्लंघन के मामले के रूप में लेते हुए क्षेत्रफल, भवन का प्रकार, इसका निर्माण और आसपास के पर्यावरण का निरीक्षण करने को कहा है। एनजीटी ने इस निरीक्षण के बाद मौजूदा स्थिति को देखते हुए अपने हिसाब से जुर्माने की राशि तय करने को कहा है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जुर्माने की राशि जुर्माना लगाने के दो माह के भीतर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा की जाए।
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