एनसीसी कैडेट को अब मिलेगी सिम्युलेटर ट्रेनिंग, इस विश्वविद्यालय में लगाया गया पहला सिम्युलेटर

एनसीसी कैडेट को अब शूटिंग के लिए सिम्युलेटर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए दून में डीआइटी विश्वविद्यालय में राज्य का पहला सिम्युलेटर लगाया गया है। जिसमें एक बार में चार कैडेट निशानेबाजी का अभ्यास कर सकते हैं। रुड़की व नैनीताल में भी अगले कुछ वक्त में सिम्युलेटर लग जाएंगे।

Sumit KumarThu, 02 Dec 2021 03:32 PM (IST)
एनसीसी कैडेट को अब शूटिंग के लिए सिम्युलेटर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, देहरादून: एनसीसी कैडेट को अब शूटिंग के लिए सिम्युलेटर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए दून में डीआइटी विश्वविद्यालय में राज्य का पहला सिम्युलेटर लगाया गया है। जिसमें एक बार में चार कैडेट निशानेबाजी का अभ्यास कर सकते हैं। इसके अलावा रुड़की व नैनीताल में भी अगले कुछ वक्त में सिम्युलेटर लग जाएंगे। भविष्य में एनसीसी निदेशालय उत्तराखंड की सभी 18 बटालियन में सिम्युलेटर लगवाएगा।

एनसीसी के अपर महानिदेशक मेजर जनरल पीएस दहिया ने बताया कि सिम्युलेटर यंत्र रुड़की और नैनीताल में इसी माह सिम्युलेटर लगा दिए जाएंगे। इसके बाद चरणबद्ध ढंग से सभी 18 बटालियन के लिए सिम्युलेटर की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई बार शूटिंग रेंज नहीं मिल पाती है, जिसके चलते प्रशिक्षण में विलंब होता है। इसके अलावा बारिश में भी बाहर प्रशिक्षण में दिक्कत आती है, लेकिन अब इंडोर व्यवस्था से कैडेट को प्रशिक्षण में सहूलियत होगी।

उन्होंने बताया कि अभी तक कैडेट प्वाइंट 22 राइफल से अभ्यास किया करते थे। सिम्युलेटर ट्रेनिंग काफी अत्याधुनिक है, जिसमें छोटी सी छोटी कमी भी इंगित होती है। यह ज्यादा सटीक भी है। इससे कैडेट की दक्षता बढ़ेगी। यह सिम्युलेटर हादसों को रोकने और हथियारों का उपयोग करते समय कैडेट की शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सहायक होगा। उन्होंने बताया कि एनसीसी आर्मी विंग के लिए राइफल फायरिंग सिम्युलेटर, एयर विंग केलिए माइक्रोलाइट फ्लाइंग सिम्युलेटर व नौसेना विंग के लिए रोइंग सिम्युलेटर स्थापित किए जाने हैं। अभी राइफल फायरिंग सिम्युलेटर मिले हैं।

कृषि आधारित नवीन उद्योग पर छात्रों ने रखे विचार

डीबीएस पीजी कालेज में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अर्थशास्त्र विभाग ने उत्तराखंड में कृषि आधारित नवीन उद्योग विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखे।

छात्र तनिष्क शर्मा ने मशरूम उद्यमी दिव्या रावत व ड्रेगन फ्रूट तैयार करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह का उदाहरण देकर समझाया कि कैसे व्यक्ति अपने घर से भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डा. अलका सूरी ने बताया कि सेमीनार में लघु एवं कुटीर उद्योगों, सुगंधित पौधों की खेती, औषधीय पौधों की खेती, एलोवेरा, लेमनग्रास, हर्बल खेती आदि को बढ़ावा देने के बारे में छात्रों व विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी।

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डा. अलका सूरी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ आजादी का अमृत महोत्सव के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डीबीएस कालेज के प्राचार्य डा. वीसी पांडे ने सेमिनार की प्रशंसा की और कहा कि इससे छात्रों के अंतर स्वरोजगार को बढ़ावा देने की भावना का विकास होता है। सेमिनार के आयोजन में छात्र विकास तोमर, कल्याण सिंह, आरती, गौरी, अभिषेक आदि मौजूद रहे।

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