उत्तराखंड: भारी पड़ी राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश, निलंबित हुए आरके सेठ; जानें- क्या लगे हैं आरोप

गड़बड़ियों की जांच के चलते मुख्य अभियंता पद पर रिवर्ट किए गए चीनी विभाग में बतौर महाप्रबंधक कार्यरत आरके सेठ को शासन के आदेशों की नाफरमानी महंगी पड़ी। पदभार ग्रहण नहीं करने और नियम विरुद्ध तैनाती के लिए राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिशों से खफा शासन ने उन्हें निलंबित किया।

Raksha PanthriSat, 31 Jul 2021 10:37 AM (IST)
भारी पड़ी राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश, निलंबित हुए आरके सेठ।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। गड़बड़ियों की जांच के चलते मुख्य अभियंता पद पर रिवर्ट किए गए चीनी विभाग में बतौर महाप्रबंधक कार्यरत आरके सेठ को शासन के आदेशों की नाफरमानी महंगी पड़ी। पदभार ग्रहण नहीं करने और नियम विरुद्ध तैनाती के लिए राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिशों से खफा शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है। चीनी विभाग के सचिव चंद्रेश यादव ने उन्हें आरोपपत्र भी थमाया है।

ऊधमसिंह नगर जिले की नादेही चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक रहे आरके सेठ पर मिल में गंभीर अनियमितता के आरोप लगे हैं। सेठ के खिलाफ मिली शिकायतों पर मुख्यमंत्री कार्यालय सख्त कदम उठाने के निर्देश दे चुका है। इसी माह के पहले हफ्ते में शासन ने महाप्रबंधक पद पर आरके सेठ की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उन्हें मुख्य अभियंता पद पर रिवर्ट कर नादेही मिल में तैनात किया था। साथ में उन पर लगे आरोपों की जांच का जिम्मा किच्छा चीनी मिल की अधिशासी निदेशक रुचि मोहन रयाल को सौंपा गया।

चीनी विभाग के सचिव चंद्रेश यादव के मुताबिक सेठ को आरोपपत्र भी दिया गया है। दरअसल सरकार की ओर से कराए गए स्पेशल आडिट में नादेही चीनी मिल में गड़बड़ी सामने आई थी। आडिट रिपोर्ट में आरके सेठ पर सात गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें कहा गया कि गोदाम में मिल की नई व पुरानी चीनी में से पांच हजार क्विंटल से अधिक चीनी अनियमित तरीके से बेच दी गई।

इसे छिपाने के लिए चीनी के कट्टों को फड़वा कर चीनी बिखेर दी गई, ताकि यह अनियमितता पकड़ी न जा सके। प्लास्टिक के कट्टों में कुंडी नहीं लगती है। इस तरह करोड़ों का घोटाला किया गया है। चीनी विभाग के सचिव चंद्रेश यादव की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सेठ ने रिवर्ट करते हुए नादेही चीनी मिल में मुख्य अभियंता के रूप में पदभार ग्रहण नहीं किया। ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हुए राजनीतिक प्रभाव के प्रयोग को शासन ने गंभीर माना है।

सचिव ने कहा कि विभागीय जांच को प्रभावित करने और उत्तराखंड शुगर्स के महाप्रबंधक पद पर नियम विरुद्ध तैनाती के लिए दबाव डालने का प्रयास आरके सेठ ने किया है। उन्हें आचरण नियमावली का उल्लंघन करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ रुचि मोहन रयाल को जांच जारी रखने को कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक आरके सेठ पर एक मंत्री के माध्यम से देहरादून हेड आफिस में तैनाती का प्रयास किया जा रहा था।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.