तीर्थ नगरी में मल्टी स्टोरी पार्किंग का सपना होगा साकार, विकास कार्यों को लेकर शहरी विकास मंत्री से मिलीं महापौर

नगर निगम महापौर अनीता ममगाईं ने विभिन्न विकास कार्यों को लेकर शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ऋषिकेश में पार्किंग की सुविधा ना होने की तीर्थाटन और पर्यटन को हो रहे नुकसान की जानकारी शहरी विकास मंत्री को दी।

Raksha PanthriWed, 23 Jun 2021 11:36 AM (IST)
तीर्थ नगरी में मल्टी स्टोरी पार्किंग का सपना होगा साकार।

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। नगर निगम महापौर अनीता ममगाईं ने विभिन्न विकास कार्यों को लेकर शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ऋषिकेश में पार्किंग की सुविधा ना होने की तीर्थाटन एवं पर्यटन को हो रहे नुकसान की जानकारी शहरी विकास मंत्री को दी।

शहरी विकास मंत्री से हुई मुलाकात के दौरान महापौर ने नगर निगम अंतर्गत हुए विभिन्न प्रोजेक्ट की सिलसिलेवार उन्हें जानकारी दी। ऋषिकेश में पार्किंग की समस्या को भी उनके सम्मुख रखा। महापौर ने उन्हें अवगत कराया कि वर्ष भर शहर में पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों का आगमन बना रहता है। लेकिन यहां पार्किंग की सुविधा ना होने की वजह से वह शहर में रुकने के बजाय सीधे रामझूला, लक्ष्मण झूला सहित रीवर राफ्टिंग के लिए शिवपुरी क्षेत्र की और कूच कर जाते हैं। जिसकी वजह से इसका लाभ शहर के व्यापारियों को नही मिल पाता।

महापौर ने कहा कि यदि चंद्रभागा पुल के ऊपर मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जाए तो इससे शहर के बाजारों में लगने वाले जाम से मुक्ति मिलने के साथ-साथ तीर्थाटन एवं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिसका लाभ शहर के व्यापारियों को भी निश्चित होगा। महापौर ने बताया कि सभी बातें गंभीरता पूर्वक सुनने के पश्चात शहरी विकास मंत्री ने उन्हें सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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निर्मल आश्रम आई इंस्टीट्यूट में नेत्रदान सुविधा बहाल

निर्मल आश्रम आई इंस्टीट्यूट (एनइआइ) ऋषिकेश में नेत्रदान की सुविधा बहाल हो गई है। कोरोना महामारी के चलते पिछले कुछ माह से संस्थान में नेत्रदान की सुविधा स्थगित थी। एनइआइ की कॉर्निया विशेषज्ञ, डा. वंदना येन ने बताया कि संस्थान के नेत्रदान संग्रह केंद्र की सेवाएं, जो कोविड-19 महामारी के चलते पिछले कुछ महीनों से निलंबित चल रही थीं, को 21 जून से बहाल कर दिया गया है। संस्थान की ओर से अब नेत्रदाताओं से कार्निया स्वीकार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से नेत्रदान स्वीकार करने की प्रक्रिया अब सुचारू रूप से चलायी जाएगी। संस्थान से जुड़े नेत्रदान प्रेरकों व स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि नेत्रदान के महत्व व उपयोगिता के संदेश को जन-जन तक पहुचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग नेत्र दान करने के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने बताया कि संस्थान के नेत्रदान संग्रह केंद्र की सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। नेत्रदान करने के लिए संस्थान के मोबाइल 98376 07526 या 6399152727 पर संपर्क किया जा सकता है।

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