Ayurveda University: मृत्युंजय मिश्रा ने आयुर्वेद विवि में मांगी नियुक्ति, शासन को सौंपा प्रत्यावेदन

आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल गए मृत्युंजय मिश्रा ने जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में ज्वाइनिंग मांगी है। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में बीते वर्ष शासन ने विश्वविद्यालय के कुलपति मृत्युंजय मिश्रा को निलंबित कर दिया था।

Sumit KumarTue, 21 Sep 2021 04:05 PM (IST)
मृत्युंजय मिश्रा ने जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में ज्वाइनिंग मांगी है।

राज्य ब्यूरो, देहरादून: Ayurveda University आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल गए मृत्युंजय मिश्रा ने जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में ज्वाइनिंग मांगी है। इस संबंध में उन्होंने शासन को अपना प्रत्यावेदन भी सौंपा है। उनके इस पत्र पर अब शासन विधिक राय ले रहा है।

उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में बीते वर्ष शासन ने विश्वविद्यालय के कुलपति मृत्युंजय मिश्रा को निलंबित कर दिया था। दरअसल, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ने चार्जशीट दी थी। उस दौरान आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई। इसके बाद शासन ने उन्हें उनके मूल विभाग उच्च शिक्षा में वापस भेज दिया। अब मृत्युंजय जमानत पर बाहर आ चुके हैं। उन्होंने शासन को पत्र लिखकर फिर से अपनी नियुक्ति आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में करने को कहा है। उन्होंने पत्र में यह भी कहा है उन्हें आयुर्वेद विश्वविद्यालय में नियुक्ति दी जाए। अब शासन प्रत्यावेदन का विधिक परीक्षण कर रहा है।

सचिव आयुर्वेद चंद्गेश कुमार यादव का कहना है कि मृत्युंजय मिश्रा का प्रत्यावेदन मिला है। इनमें कई बिंदु हैं। ये अभी निलंबित कर्मचारी हैं। जब तक निलंबन समाप्त नहीं होता तब तक बहाली नहीं हो सकती। इसका परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक से भी जमानत के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जब रिपोर्ट आ जाएगी और जमानत देने की शर्तों को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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पुरोला डिग्री कालेज को दी 49 लाख की राशि

सरकार ने उत्तरकाशी जिले में राजकीय महाविद्यालय पुरोला के निर्माण कार्यों की अंतिम किस्त के रूप में 49.75 लाख की राशि जारी की है।

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत महाविद्यालय भवन के निर्माण कार्यों को 1.99 करोड़ की राशि अनुमोदित है। उच्च शिक्षा अपर सचिव एमएम सेमवाल ने उच्च शिक्षा निदेशक को निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए अंतिम किस्त जारी की।

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