उत्‍तराखंड में वाहनों की फिटनेस जांचेगी मोबाइल फिटनेस वैन, पढ़‍िए पूरी खबर

उत्‍तराखंड में वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए अब मोबाइल फिटनेस वैन खरीदने की तैयारी है। अन्य राज्यों में इस्तेमाल की जा रही इस तरह की वैन का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद राज्‍य में भी इन वैन के जरिये वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी।

Sumit KumarFri, 20 Aug 2021 06:10 AM (IST)
परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कुछ दिनों पहले सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह मसला रखा गया।

राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए अब मोबाइल फिटनेस वैन खरीदने की तैयारी है। इनका इस्तेमाल पर्वतीय जिलों में किया जाएगा, जहां वाहन फिटनेस ट्रेक बनाने के लिए जगह कम है। इसके लिए अन्य राज्यों में इस्तेमाल की जा रही इस तरह की वैन का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद प्रदेश में भी इन वैन के जरिये वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी।

प्रदेश में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर वर्ष 2008 में एक सर्वे किया गया। इस सर्वे में यह बात सामने आई कि वाहनों की सही प्रकार से फिटनेस न होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। अभी संभागीय परिवहन कार्यालयों में अधिकांश वाहन आंखों से ही जांचे जा रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में आटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रेक बनाने का निर्णय लिया गया। हरिद्वार, हल्द्वानी, ऋषिकेश व टिहरी में वाहनों की फिटनेस के लिए टेस्टिंग ट्रेक बनाने को स्थान चिह्नित किए गए। इसके लिए बाकायदा बजट का प्रविधान भी किया गया है। केंद्र सरकार ने भी टेस्टिंग ट्रेक को बनाने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराई है। बीते वर्ष सरकार ने वाहन दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया कि राज्य के हर जिले में टेस्टिंग ट्रेक का निर्माण किया जाए। इसके लिए विभाग ने सभी जिलों का सर्वे किया। सर्वे में यह बात सामने आई कि पर्वतीय जिलों में भौगोलिक स्थिति के कारण वाहन फिटनेस लेन बनाने के लिए समुचित जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस कारण यहां वाहन फिटनेस लेन बनाने में दिक्कत आ सकती है।

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परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कुछ दिनों पहले सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह मसला रखा गया। इस पर व्यापक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान में जिन जिलों में वाहन फिटनेस लेन बनाया जाना संभव नहीं है, उनके लिए मोबाइल फिटनेस वैन खरीदी जाए। ऐसी व्यवस्था कुछ अन्य राज्य अपना रहे हैं। इस वैन में ऐसे उपकरण होते हैं, जो वाहनों की फिटनेस, यानी तकनीकी निरीक्षण कर सकते हंै। हालांकि, इसकी कीमत काफी अधिक है। इस पर परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर मोबाइल फिटनेस वैन खरीदने का काम शुरू किया जाए। अब विभाग इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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