मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने पदोन्नत्ति की मांग को लेकर शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने पदोन्नत्ति की मांग को लेकर विभिन्न जिलों में शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

शुक्रवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने पदोन्नत्ति की मांग को लेकर विभिन्न जिलों में शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। विभागीय कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने धरना देकर विरोध जताया।

Sunil NegiFri, 26 Feb 2021 04:26 PM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने पदोन्नति की मांग को लेकर राज्यभर में शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। देहरादून में नंदा की चौकी स्थित विभागीय कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने धरना दिया। वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल से विभागीय कार्य भी प्रभावित रहा। 

प्रांतीय बाल विकास मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष सोहन सिंह रावत ने कहा कि मिनिस्टीरियल कार्मिकों की पदोन्नति को लेकर 22 फरवरी तक आदेश जारी करने की मांग की गई थी, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई ना होने के कारण उन्हें हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा। रावत ने कहा कि विभिन्न जिलों में विभाग में कार्यरत 185 कर्मचारियों में 29 देहरादून जिले से हैं। अन्य विभागों में शासन के निर्देशों के तहत कार्मिकों की पदोन्नति आठ माह पूर्व लगभग पूरी कर दी गई है, लेकिन महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में कार्मिक पदोन्नति से वंचित हैं।

लगातार मांग करने के बाद भी विभागीय मंत्री व उच्चाधिकारी अनसुना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में जारी शासनादेश में लिपिक संवर्ग के पदों पर पदोन्नति के लिए ज्येष्ठता के आधार पर कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पदों पर पदोन्नति का प्रविधान है। इस क्रम में समूह-ग से परीक्षा उत्तीर्ण  कर चुके कनिष्ठ सहायक व चतुर्थ श्रेणी से पदोन्नत कनिष्ठ सहायकों का नियमानुसार पूर्व में ही कंप्यूटर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद चयन हुआ है। कहा कि पात्र कनिष्ठ सहायकों को भी सेवा नियमावली के अनुसार पदोन्नत किया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि यदि 28 फरवरी तक उनकी पदोन्नति का आदेश जारी नहीं किया गया तो एक मार्च से से जिलों के कर्मचारी भी दून पहुंचकर धरना देंगे। वहीं, एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर समस्या का निस्तारण की मांग की। धरना देने वालों में एमआर खंडूड़ी, विक्रम सिंह, बलवीर सिंह भंडारी, महेश चंद्र बिजल्वाण, रमेश चंद्र रतूड़ी, विजय सिंह राणा, विजय सिंह राणा आदि मौजूद रहे।

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