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ऋषिकेश में एक परिवार ने विधवा बहू का बेटी मानकर किया कन्यादान Dehradun News

ऋषिकेश, जेएनएन। बहू को बेटी मनाने की सीख तो अक्सर दी जाती है लेकिन इस सीख पर अमल कोई-कोई ही कर पाता है। मगर इस मामले में ऋषिकेश के एक परिवार ने समाज को एक नया संदेश देने की कोशिश की है। इस परिवार ने अपनी विधवा बहू को बेटी मानकर उसका कन्यादान किया।

ऋषिकेश के मायाकुंड निवासी गोविंद भारद्वाज के बड़े बेटे सिद्धार्थ भारद्वाज का विवाह पांच वर्ष पूर्व जमुना के साथ हुआ था। वर्ष 2019 में इस परिवार की हंसती खेलती जिंदगी में तब भूचाल आ गया, जब 18 जून 2019 को सिद्धार्थ की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद घर में विधवा बहू जमुना का एककीपन ससुर गोविंद भारद्वाज और सास बाला से देखा न गया। उन्होंने जमुना को पुनर्विवाह के लिए सहमत किया। आखिर ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर में ही जमुना के लिए एक युवक नितिन गुप्ता का रिश्ता मिल गया। 

बुधवार को आर्य समाज मंदिर में गोविंद भारद्वाज और बाला ने बहू जमुना को अपनी बेटी मानते हुए हिंदू रीति से नितिन गुप्ता के साथ उसका विवाह कराया और  कन्यादान किया। गोविंद भारद्वाज के छोटे पुत्र वरुण ने अपनी भाभी की शादी में भाई का फर्ज अदा किया। गोविंद भारद्वाज और उनके परिवार के इस फैसले को सभी ने समाज के लिए एक बड़ा संदेश बताया। इस अवसर पर नगर निगम की महापौर अनीता ममगाईं, राजपाल ठाकुर, रूपेश गुप्ता, ज्योति पांडे, माधुरी गुप्ता आदि ने वर-कन्या को आशीर्वाद दिया।

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चार वर्षीय बेटा रहेगा दादा-दादी के साथ 

सिद्धार्थ और जमुना का एक चार वर्षीय पुत्र भी है। फिलहाल यह तय हुआ कि चार वर्षीय इस बच्चे का लालन-पालन दादा-दादी करेंगे। गोविंद भारद्वाज और बालाजी ने अपनी बहू को मायके के रूप में ससुराल आने को कहा है। वह भी बेटे की देखरेख करेंगी और यदि चार वर्षीय बालक चाहे तो वह अपनी मां के साथ भी रह सकता है।

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