नमामि गंगे : कुमाऊं की नदियां भी होंगी साफ सुथरी

राष्ट्रीय नदी गंगा की स्वच्छता के लिए चल रही नमामि गंगे परियोजना जल्द ही कुमाऊं क्षेत्र में भी दस्तक देगी।

नमामि गंगे परियोजना जल्द ही कुमाऊं क्षेत्र में भी दस्तक देगी। गढ़वाल क्षेत्र में यह परियोजना अब अंतिम चरण में है और अब सरकार ने कुमाऊं क्षेत्र की नदियों के मद्देनजर 228 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को भेजा है।

Publish Date:Wed, 02 Dec 2020 03:26 PM (IST) Author: Sunil Negi

राज्य ब्यूरो, देहरादून:  कोशिशें रंग लाईं तो राष्ट्रीय नदी गंगा की स्वच्छता के लिए चल रही नमामि गंगे परियोजना जल्द ही कुमाऊं क्षेत्र में भी दस्तक देगी। गढ़वाल क्षेत्र में यह परियोजना अब अंतिम चरण में है और अब सरकार ने कुमाऊं क्षेत्र की नदियों के मद्देनजर 228 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को भेजा है। इसके तहत विभिन्न नदियों से सटे नौ क्षेत्रों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) व नाला टैपिंग के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही कि नए वर्ष में राज्य को नमामि गंगे में यह सौगात मिल सकती है।

वर्तमान में नमामि गंगे परियोजना के तहत राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में गोमुख से लेकर हरिद्वार तक गंगा किनारे के 15 शहरों व कस्बों में एसटीपी व नाला टैपिंग के काम चल रहे हैं। ये कार्य अब समाप्ति की तरफ अग्रसर हैं। अधिकांश एसटीपी बन चुके हैं, जो तीन-चार रह गए हैं, उनके भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक पूरा होने की उम्मीद है। नालों की टैपिंग का काम भी हो चुका है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ऋषिकेश तक गंगा के पानी की ए-श्रेणी की गुणवत्ता इसकी तस्दीक करती है। इसके साथ ही हरिद्वार में भी गंगा जल की गुणवत्ता में सुधार आया है।

अब नमामि गंगे की मुहिम को कुमाऊं क्षेत्र में भी ले जाने की तैयारी है। इसी के दृष्टिगत सरकार ने कुमाऊं की कोसी, दाबका, शारदा, ढेला समेत अन्य नदियों को भी नमामि गंगे के तहत साफ-सुथरा बनाने की ठानी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इसके लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस कड़ी में इन नदियों से सटे नौ शहरों, कस्बों में एसटीपी व नाला टैपिंग के कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई। इस संबंध में शासन की ओर से 228.40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव एनएमसीजी को भेजा गया है। अपर सचिव एवं राज्य में नमामि गंगे परियोजना के कार्यक्रम निदेशक उदयराज सिंह ने प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इसके मंजूर होने के बाद नमामि गंगे के तहत कुमाऊं क्षेत्र में भी विभिन्न कार्य शुरू होंगे।

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