Kedarnath Tragedy 2013: केदारनाथ आपदा से उबरे, अब कोरोना ने दिया झटका

केदारनाथ त्रासदी को आठ साल गुजर चुके हैं। जून 2013 में आई आपदा के बाद केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने को हैं। केदारपुरी नए रंग में निखर चुकी है लेकिन इसके नए दिव्य व भव्य रूप के दर्शन से श्रद्धालु वंचित हैं।

Raksha PanthriWed, 16 Jun 2021 06:35 AM (IST)
केदारनाथ आपदा से उबरे, अब कोरोना ने दिया झटका।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। केदारनाथ त्रासदी को आठ साल गुजर चुके हैं। जून 2013 में आई आपदा के बाद केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने को हैं। केदारपुरी नए रंग में निखर चुकी है, लेकिन इसके नए दिव्य व भव्य रूप के दर्शन से श्रद्धालु वंचित हैं। कारण, लगातार दूसरे साल कोरोना संक्रमण के कारण चार धाम यात्रा सुचारू नहीं हो पाई है। बीते वर्ष सितंबर में यात्रा बेहद साधारण स्वरूप में शुरू की गई। नवंबर में कपाट बंद होने तक लगभग 1.32 हजार श्रद्धालु ही दर्शन को केदारनाथ धाम पहुंचे।

जून 2013 में आपदा से केदारनाथ धाम को खासा नुकसान हुआ। यहां मंदिर परिसर को छोड़ शेष पूरा क्षेत्र बाढ़ से तहस-नहस हो गया था। इस कारण वर्ष 2013 में यात्रा शुरुआती चरणों में ही प्रभावित हो गई। हालांकि, प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 से ही केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू कर दी थी लेकिन श्रद्धालुओं में सुरक्षित यात्रा का विश्वास जगाने में थोड़ा वक्त लगा। केंद्र के सहयोग से केदारनाथ में अब काफी काम हो चुका है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार लगातार श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

वर्ष 2019 में सरकार के इन प्रयासों का असर दिखा भी और रिकार्ड संख्या तकरीबन 10 लाख श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे। वर्ष 2020 में सरकार इससे अधिक यात्रियों के चारधाम पहुंचने की उम्मीद कर रही थी, मगर कोरोना के कारण लागू लाकडाउन ने यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया। अप्रैल 2020 में प्रदेश सरकार ने स्थानीय निवासियों के लिए केदारनाथ धाम की यात्रा खोल दी थी और सितंबर के बाद अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं को भी केदारनाथ आने की अनुमति दे दी गई। बावजूद इसके केदारनाथ धाम तक पहुंचने वालों की संख्या तकरीबन 1.32 लाख ही रही, जो इससे पहले वर्ष की तुलना में तकरीबन 13 फीसद है।

इससे स्थानीय निवासियों के रोजगार पर विपरीत असर पड़ा। इस वर्ष मार्च में कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रण में नजर आ रही थी। इसे देखते हुए माना जा रहा था कि चारधाम यात्रा इस बार तय समय पर शुरू होगी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम भी पहुंचेंगे। इस बीच कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने कहर मचाना शुरू कर दिया। नतीजतन, प्रदेश सरकार को चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी। यह यात्रा अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।

आपदा के बाद केदारनाथ आने वाले यात्रियों की संख्या

वर्ष 2014- 39500

वर्ष 2015- 159340

वर्ष 2016- 349123

वर्ष 2017- 471235

वर्ष 2018- 772300

वर्ष 2019- 1000021

वर्ष 2020- 132000

यह भी पढ़ें- भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला राजमार्ग ध्वस्त, रैणी गांव के नीचे गार्डर ब्रिज का एबटमेंट भी आया खतरे की जद में

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.