कर्मकार बोर्ड के दफ्तर पर ताला, अध्यक्ष ने सचिव के खिलाफ सीएम को भेजा पत्र

उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड फिर सुर्खियों में है। मंगलवार को बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला और कर्मचारी बाहर खड़े थे। इस पर सत्याल ने बिना अनुमति के कार्यालय पर ताला डालने पर सख्त नाराजगी जाहिर की

Sunil NegiWed, 16 Jun 2021 09:35 AM (IST)
कर्मकार बोर्ड के दफ्तर पर ताला, अध्यक्ष ने सचिव के खिलाफ सीएम को भेजा पत्र।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड फिर सुर्खियों में है। मंगलवार को बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला और कर्मचारी बाहर खड़े थे। इस पर सत्याल ने बिना अनुमति के कार्यालय पर ताला डालने पर सख्त नाराजगी जाहिर की। साथ ही बोर्ड की सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्‍होंने वर्तमान सचिव को निलंबित करने और बोर्ड में किसी अन्य अधिकारी को सचिव की जिम्मेदारी देने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सत्याल ने कहा है कि बोर्ड की वर्तमान सचिव की कार्यप्रणाली के संबंध में समय-समय पर मुख्य सचिव और श्रम सचिव को अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई। पूर्व में सचिव से स्पष्टीकरण भी लिया गया, मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया है कि 14 मई को हुई बोर्ड की वर्चुअल बैठक में श्रमिकों को राशन किट वितरण के लिए निविदा आमंत्रित करने समेत कई अन्य निर्णय लिए गए थे, मगर सचिव ने इनका अनुपालन नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि बोर्ड एक स्वायत्त निकाय है, जिसमें सर्वसम्मति और बोर्ड अध्यक्ष से अनुमोदित निर्णयों के क्रियान्वयन का उत्तरदायित्व सचिव का है।

उन्होंने यह भी कहा है कि पूर्व में नेहरू कालोनी स्थित बोर्ड के कार्यालय को अन्यत्र शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था, मगर इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह भी तब जबकि इसके लिए सचिव को चेतावनी तक दी गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि बोर्ड के कार्यों का लेखा परीक्षण करने वाली टीम को भी सचिव ने मांगे गए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए हैं। यही नहीं, कर्मचारियों में भी उनके रवैये से आक्रोश है।

उधर, काफी प्रयासों के बाद भी बोर्ड की सचिव से संपर्क नहीं हो पाया। कर्मकार बोर्ड पिछले साल अक्टूबर से निरंतर सुर्खियों में है। पिछली त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी देख रहे श्रम मंत्री डा हरक सिंह को अध्यक्ष पद से हटाकर शमशेर सिंह सत्याल को यह जिम्मा सौंपा गया। साथ ही बोर्ड का शासन ने नए सिरे से पुनगर्ठन कर दिया था। इसके बाद बोर्ड ने पिछले बोर्ड के फैसलों को पलट दिया था।

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