चकराता महाविद्यालय के नए भवन में संचालित होगी विज्ञान की कक्षाएं

चकराता/त्यूणी जौनसार के श्री गुलाब सिंह राजकीय महाविद्यालय चकराता के पुरोड़ी में बनकर तैयार नए भवन की गुणवत्ता जांच को संयुक्त टीम पहुंची।

JagranSat, 27 Nov 2021 08:36 PM (IST)
चकराता महाविद्यालय के नए भवन में संचालित होगी विज्ञान की कक्षाएं

संवाद सूत्र, चकराता/त्यूणी: जौनसार के श्री गुलाब सिंह राजकीय महाविद्यालय चकराता के पुरोड़ी में विज्ञान संकाय का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। इसके हस्तान्तरण की कार्रवाई के लिए शनिवार को संयुक्त टीम गुणवत्ता जांचने चकराता पहुंची। शासन से गठित टीम ने करोड़ों की लागत से बने नए भवन की गुणवत्ता संतोषजनक बताई। भवन हस्तान्तरित होने से महाविद्यालय में इस बार से बीएससी की क्लास शुरूकी जा रही है।

जनजाति क्षेत्र जौनसार-बावर के सुदूरवर्ती इलाके में बसे सैकड़ों ग्रामीण छात्र-छात्राओं की सुविधा को तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2004 में जौनसार के जन नायक श्री गुलाब सिंह के नाम से चकराता के पुरोड़ी में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना कर बड़ी सौगात दी। क्षेत्र में पहला महाविद्यालय खुलने से यहां शुरुआती चरण में कला संकाय का संचालन हुआ। कुछ समय बाद पुरोड़ी में बने नए भवन में महाविद्यालय शिफ्ट किया गया। इसके बाद सरकार ने यहां विज्ञान संकाय के भवन निर्माण को 319.09 लाख का बजट मंजूर कर कार्यदाई संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम विकासनगर शाखा को कार्य सौंपा। चकराता के पुरोड़ी में बने तीन मंजिला विज्ञान संकाय भवन का कार्य निपटने से शासन की ओर से इसके हैंडओवर की प्रक्रिया को संयुक्त जांच टीम बनाई गई। सरकार के निर्देशन में बनी संयुक्त जांच टीम में निदेशक उच्चशिक्षा के नामित सदस्य प्रोफेसर सतपाल सिंह साहनी, प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर, जिलाधिकारी की ओर से नामित सदस्य इं. डीपी सिंह अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अस्थायी खंड साहिया और चकराता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर केएल तलवाड़ ने कार्यदाई संस्था पेयजल निर्माण निगम के साइड इंजीनियर से भवन के बारे में पूरी जानकारी ली। प्राचार्य प्रोफेसर केएल तलवाड़ ने कहा कि नए भवन में इस बार से बीएससी का पहला बैच शुरू होगा। नए सत्र से बीएससी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। कला संकाय के अलावा यहां पहली बार नए भवन में विज्ञान संकाय का संचालन शुरू होने जा रहा है। इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गई। प्राचार्य प्रोफेसर केएल तलवाड़ ने कहा कि, महाविद्यालय में इस बार से पीसीएम और पीसीबी की कक्षाएं संचालित की जा रही है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण छात्र-छात्राओं को सुविधा मिलेगी। इस मौके पर पेयजल निगम के इंजीनियर संजय कुमार, जूनियर इंजीनियर मणि पंवार, निरीक्षण समिति के संयोजक डा. सुनील कुमार, डा. अरविद वर्मा, डा. कुलदीप चौधरी, डा. जितेंद्र दिवाकर, डा प्रवर सहायक रोशनलाल आदि मौजूद रहे।

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