बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ आइएमए ने देहरादून के कैंट थाने में दी तहरीर

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की उत्तराखंड शाखा ने योगगुरु बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी है। कोरोनिल की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

Sunil NegiWed, 23 Jun 2021 09:41 PM (IST)
बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ आइएमए ने देहरादून के कैंट थाने में दी तहरीर।

जागरण संवाददाता, देहरादून। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की उत्तराखंड शाखा ने योगगुरु बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी है। कोरोनिल की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं, आइएमए ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को भी एक शिकायती पत्र भी दिया है।

आइएमए के प्रदेश सचिव डा. अजय खन्ना ने कहा कि कोरोना को लेकर आम जन में व्याप्त भय का बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने अनुचित लाभ उठाया है। कोरोनिल को कोरोना की प्रभावी दवा बताकर बाजार में उतारा गया। इसमें तमाम नियम-कायदे, क्लीनिकल ट्रायल आदि की अवहेलना की गई। जब देश-विदेश के तमाम वायरोलोजिस्ट व रिसर्च संस्थान कोरोना वायरस को समझने और इसका निदान ढूंढने में असमर्थ हो रहे थे, इन्होंने दो-तीन माह के भीतर ही कथित रिसर्च व क्लिनिकल ट्रायल कर दवा भी बना ली। इसे कोरोना के उपचार में प्रभावी बता कई व्यक्तियों का जीवन खतरे में डाला है।

जन सामान्य को इस ओर जागरूक करने के लिए आइएमए ने कई स्तर पर प्रयास किए। यही कारण है कि बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण एलोपैथिक चिकित्सकों से रंजिश रखते हैं। तभी एलोपैथी चिकित्सा और चिकित्सकों को लेकर उनकी ओर से तमाम तरह के बयान दिए गए। एलोपैथी को मूखर्तापूर्ण विज्ञान तक कहा। यही नहीं वैक्सीन को लेकर भी समाज में भ्रम फैलाया। कहा कि टीके लगवाने के बाद भी कई चिकित्सकों की मौत हो गई। जिसके पीछे यह मंशा थी कि एलोपैथी को लेकर घृणा पैदा की जाए और लोग कोरोनिल खरीदने को प्रेरित हों। ऐसे में आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी एक्ट और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

इधर, कैंट थाना प्रभारी विद्या भूषण नेगी ने बताया कि आइएमए की ओर से शिकायत मिली है। जिसकी विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि बाबा रामदेव को आइएमए की ओर से एक हजार करोड़ का मानहानि का नोटिस भी भेजा जा चुका है। वहीं आइएमए ने कोरोनिल मामले में पतंजलि का ड्रग लाइसेंस रद करने की भी मांग की थी। 

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