मसूरी के होटल कारोबारी और अन्य व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा ओटीएस का लाभ, सीएस लेंगे बैठक

अवैध निर्माण को वैध करने के लिए लागू की गई वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम (ओटीएस) का लाभ मसूरी के होटल कारोबारी व अन्य व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा। इसकी बड़ी वजह है मसूरी के बड़े हिस्से में लागू फ्रीज जोन।

Sumit KumarPublish:Fri, 03 Dec 2021 04:38 PM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 06:23 PM (IST)
मसूरी के होटल कारोबारी और अन्य व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा ओटीएस का लाभ, सीएस लेंगे बैठक
मसूरी के होटल कारोबारी और अन्य व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा ओटीएस का लाभ, सीएस लेंगे बैठक

जागरण संवाददाता, देहरादून: अवैध निर्माण को वैध करने के लिए लागू की गई वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम (ओटीएस) का लाभ मसूरी के होटल कारोबारी व अन्य व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा। इसकी बड़ी वजह है मसूरी के बड़े हिस्से में लागू फ्रीज जोन। वहीं, इससे बाहर भी बड़े निर्माण को लेकर तमाम तरह के प्रतिबंध हैं। इसको लेकर काबीना मंत्री गणेश जोशी ने व्यापारियों की मांग पर एमडीडीए व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।

मसूरी की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए नगर के अधिकांश भूभाग पर बड़े निर्माण पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं। इसके बाद भी यहां तमाम आवासीय भवनों में होटल, गेस्ट हाउस आदि दशकों से संचालित किए जा रहे हैं। कई भवन जर्जर हालत में हैं, मगर इनमें आवश्यक सुधार या इनका निर्माण ओटीएस के तहत भी संभव नहीं। लिहाजा, होटल एसोसिएशन व अन्य संगठनों ने काबीना मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर ओटीएस का लाभ देने की मांग की थी।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि काबीना मंत्री की बैठक में तय किया गया कि ओटीएस का लाभ मसूरी के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को देने को लेकर मुख्य सचिव से बात की जाएगी। व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए मुख्य सचिव ने भी विचार-विमर्श पर हामी भर दी है। शुक्रवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन कर मसूरी के बड़े निर्माण को वैध करने या अन्य समाधान खोजे जाने पर मंथन किया जाएगा। बैठक में एमडीडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, संदीप साहनी, आलोक मेहरोत्रा, शैलेंद्र कर्णवाल, प्रतीक कर्णवाल, यशवंत गर्ग, दीपक गुप्ता, अशोक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

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दून अस्पताल में अब तीमारदार की भी होगी कोरोना जांच

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में खास सतर्कता बरती जा रही है।

अब ओपीडी और इमरजेंसी में मास्क नहीं पहनकर आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को रोका जा रहा है। उन्हें मास्क पहनकर ही भीतर जाने को कहा जा रहा है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की कोरोना जांच पहले ही अनिवार्य की गई है। साथ ही तीमारदारों के लिए भी जांच जरूरी कर दी गई है। चिकित्सा अधीक्षक डा. केसी पंत ने बताया कि कोविड नियमों का सख्ती से पालन हो, इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया है। मास्क, शारीरिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। यह भी प्रयास है कि वार्ड में अनावश्यक भीड़ न हो। मरीजों से मिलने वालों की संख्या सीमित कर दी गई है।

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