देहरादून में झमाझम बारिश से बढ़ी ठंड, आमजन ने गर्म कपड़े निकले

देहरादून में बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। मौसम के हिसाब से बाजार में भी कपड़े बिकने लगे हैं। इसमें वूलन टाप ट्रैक सूट स्वेटर लोअर लाइट जैकेट हल्के गर्म हुड को दुकानों में सजाया गया है।

Sunil NegiTue, 19 Oct 2021 12:27 PM (IST)
सोमवार को घोसी गली स्थित मार्केट से गर्म कपड़ों की खरीदारी करते लोग।

जागरण संवाददाता, देहरादून। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। आमजन ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। वहीं बाजार में भी बदले मौसम के हिसाब से कपड़े बिकने लगे हैं। इस बार दुकानदारों को सर्दियों में अच्छे कारोबार की उम्मीद है।

कुछ दिन पहले दिन में तेज धूप के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड थी, लेकिन बीते रविवार से हो रही बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। सोमवार को बाजार में लोग गर्म कपड़े पहने दिखाई दिए। इधर, मौसम के बदलाव के साथ दुकानदारों ने भी गर्म कपड़े बेचना शुरू कर दिए हैं। इसमें वूलन टाप, ट्रैक सूट, स्वेटर, लोअर, लाइट जैकेट, हल्के गर्म हुड को दुकानों में सजाया गया है। वहीं, कई दुकानदारों ने पलटन बाजार में बीते सीजन के सर्दियों के कपड़ों की सेल भी लगाई है।

पलटन बाजार स्थित एक दुकान के सेल्समैन चांद ने बताया कि वूलन टाप, लांग टाप, और स्कर्ट इस सीजन में नया ट्रेंड है। लोग भी इन्हें पसंद कर रहे हैं। पलटन बाजार स्थित मस्जिद के पास कपड़ों के दुकान के स्वामी मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि बीते वर्ष कोरोना के चलते कारोबार प्रभावित रहा, लेकिन इस बार कोविड गाइडलाइन के तहत मिली छूट के चलते दुकानदारों को सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद है। पलटन बाजार में कोतवाली के पास स्थित दुकान के सेल्समैन बनवारी लाल ममगाईं ने बताया कि ठंड के कपड़ों का स्टाक सितंबर में आ चुका है। हल्के गर्म कपड़े लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इस समय ट्रैक सूट के साथ लोअर की ज्यादा मांग है।

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वनाधिकार आंदोलन को समर्थन दें हरीश रावत: किशोर

वनाधिकार आंदोलन के संस्थापक एवं उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को वनाधिकार से जुड़े बिंदुओं पर पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने घरेलू रसोई गैस के संबंध में हरीश रावत के वक्तव्य की सराहना की। कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर रसोई गैस पर 200 रुपये की छूट देने का आपका निर्णय प्रदेशवासियों को राहत देगा।

इस संबंध में सोमवार को किशोर उपाध्याय ने प्रेस बयान जारी किया। उन्होंने जल, जंगल और जमीन से जुड़े नौ बिंदुओं को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने रखा और उनके समाधान के लिए वनाधिकार आंदोलन का समर्थन करने को कहा। उन्होंने कहा कि वनाधिकार आंदोलन के मूल में प्रदेश की जनता के हित समाहित हैं। ऐसे में वनाधिकार आंदोलन को समर्थन मिलना चाहिए।

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