हरिद्वार के करी पत्ते की दुबई में महक, पहली खेप में भिंडी, करेला समेत अन्य सब्जियां भी हैं शामिल

उत्तराखंड से कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने की कड़ी में हरिद्वार का नाम भी जुड़ गया है। यहां का करी पत्ता अब दुबई में महक बिखेरने जा रहा है। करी पत्ता के अलावा ताजी सब्जियों की पहली खेप सोमवार को दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) के लिए भेजी गई।

Sumit KumarTue, 27 Jul 2021 03:39 PM (IST)
उत्तराखंड से कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने की कड़ी में हरिद्वार का नाम भी जुड़ गया है।

राज्य ब्यूरो, देहरादून: उत्तराखंड से कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने की कड़ी में हरिद्वार का नाम भी जुड़ गया है। यहां का करी पत्ता अब दुबई में महक बिखेरने जा रहा है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से हरिद्वार के किसानों से प्राप्त करी पत्ता के अलावा ताजी सब्जियों की पहली खेप सोमवार को दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) के लिए भेजी गई।

कृषि उत्पादों के निर्यात की कड़ी में इसी साल मई में उत्तराखंड में उत्पादित जैविक मंडुवा व झंगोरा की खेप डेनमार्क भेजी गई थी। अब इस मुहिम को आगे बढ़ाने के मद्देनजर हरिद्वार के किसानों से करी पत्ता के अलावा भिंडी, करेला सहित अन्य सब्जियों एकत्रित की गईं। फिर इनकी ठीक से पैकिंग कर शनिवार को दिल्ली और फिर सोमवार को इन्हें दुबई भेजा गया। करी पत्ता व सब्जियों की कुल मात्रा करीब चार कुंतल बताई गई है।

उत्तराखंड में कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड और एक निर्यातक जस्ट आर्गनिक के सहयोग से एपीडा ने कृषि उत्पादों के निर्यात के मद्देनजर किसानों से रागी, मंडुवा, झंगोरा प्राप्त कर इसे प्रसंस्कृत करने की पहल की है। यूरोपीय संघ के जैविक प्रमाणन मानकों के अनुरूप इन्हें तैयार किया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद जगी है कि यहां उत्पादित जैविक मोटे अनाज जल्द ही यूरोपीय देशों में भी निर्यात किए जाएंगे।

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एपीडा से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड को भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात मानचित्र पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में राज्य में एक पैक हाउस की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना है। यह पैक हाउस अंतरराष्ट्रीय बाजार में ताजे फल व सब्जियों के निर्यात के लिए अनिवार्य आवश्यकता और बुनियादी ढांचे की जरूरत को पूरा करेगा।

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