हरिद्वार में आंखों में मिर्च झोंक लूट करने वाला आरोपित निकला उक्रांद का जिला महामंत्री

बुजुर्ग दंपती की आंख में मिर्ची झोंक कर लूटपाट करने वाले लुटेरों को पुलिस ने धर-दबोचा है। 48 घंटे के भीतर हरिद्वार पुलिस ने लुटेरों को पकड़ लूटा गया सामान और नगदी भी बरामद कर ली है। दोपहर बाद आधिकारिक रूप से पुलिस मामले का पर्दाफाश करेगी।

Raksha PanthriMon, 06 Dec 2021 12:53 PM (IST)
सोमवार को जिला पुलिस मुख्यालय रोशनाबाद में घटना का खुलासा करते एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। चार दिसंबर को दिनदहाड़े दयानंद नगरी कालोनी निवासी आयुर्वेद चिकित्सक के घर में घुसकर उनके और पत्नी की आंखों में मिर्च झोंक बंधक बनाकर लूटने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से दो लाख 93 हजार की नगदी, सोने का हार और कुंडल के साथ ही घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार आरोपित उत्‍तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) का जिला महामंत्री है। बताया कि वह कर्ज में डूबा था, जिसके चलते उसने साथी संग योजना बनाकर लूटपाट को अंजाम दिया। वहीं पुलिस ने महज 48 घंटे के अंदर घटना का पर्दाफाश कर दिया।

सोमवार को रोशनाबाद पुलिस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि चार दिसंबर को ज्वालापुर की दयानंद नगरी कालोनी में दो बदमाशों ने दवा लेने के बहाने आयुर्वेद चिकित्सक डा. राजेंद्र अग्रवाल के घर में घुसकर चिकित्सक और पत्नी की आंखों में मिर्च झोंककर लूटपाट की थी। आरोपित घर में रखी ढाई लाख रुपये से अधिक की नगदी, सोने का हार और कुंडल भी ले गए थे। मामले में पुलिस ने चिकित्सक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में दो टीमें गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज चेककर बाइक सवार दो संदिग्ध युवकों को चिह्नित किया था। बाइक नंबर के सत्यापन के बाद सोमवार सुबह ज्वालापुर पुलिस और सीआइयू की टीम के संयुक्त अभियान में गांव एक्कड़ के पास से पुलिस ने दोनों आरोपितों को पकड़ लिया। आरोपितों ने अपने नाम शहजाद और राशिद निवासी अली चौक सुल्तानपुर लक्सर बताया। आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि शहजाद उक्रांद का जिला महामंत्री है। वहीं उक्रांद के केंद्रीय उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र वशिष्ठ ने भी इसकी पुष्टि की है।

29 नवंबर को भी आए थे आरोपित: एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पूछताछ में यह भी पता चला कि दोनों आरोपित 29 नवंबर को भी लूट के इरादे से आए थे, लेकिन डा. राजेंद्र अग्रवाल की पत्नी विजया घर में अकेली थी। इस पर वो वापस चले गए। इसके बाद चार दिसंबर को 12 बजे के करीब पेट में जलन की समस्या दिखाने के बहाने आरोपित डाक्टर के घर में घुसे थे। उन्होंने डाक्टर राजेंद्र अग्रवाल की पत्नी विजया को पानी लेने अंदर भेज दिया। इस बीच उन्होंने डाक्टर राजेंद्र अग्रवाल की आंख में मिर्च झोंककर उन्हें बंधक बना लिया। पत्नी विजया पानी लेकर आई तो उनकी आंख में भी मिर्च झोंक उन्हें भी बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपितों ने लूट को अंजाम दिया।

डाक्टर को पहले से जानता था आरोपित

एसएसपी ने बताया कि लूट की योजना बनाने वाला मुख्य आरोपित शहजाद डा. राजेंद्र अग्रवाल को करीब चार साल से जानता था। आरोपित यह भी जानता था कि घर में बुजुर्ग दंपती अकेले रहते हैं। इसके बाद आरोपित चार दिसंबर को सोची-समझी साजिश के तहत लूट के लिए उनके घर पहुंचा था।

शंकर आश्रम पर खड़ी की थी बाइक

शहजाद और उसके साथी राशिद ने लूट में इस्तेमाल की गई बाइक घटनास्थल से दूर शंकर आश्रम चौराहे पर खड़ी की थी। यहां से दोनों पैदल ही डाक्टर राजेंद्र अग्रवाल के घर पहुंचे थे।

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