Gurpurab 2020: सादगी और श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा श्री गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व, राज्यपाल और सीएम ने दी बधाई

Gurpurab 2020: सादगी और श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा श्री गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व। जागरण

Gurpurab 2020 सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व सादगी के साथ मनाया जा रहा है। कई गुरुद्वारों में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते प्रकाश पर्व वर्चुअल तरीके से मनाया जा रहा है। बंद पैकेट में लंगर बांटा जा रहा है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 08:16 AM (IST) Author: Raksha Panthari

देहरादून, जेएनएन। Gurpurab 2020 सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व सादगी के साथ मनाया जा रहा है। कई गुरुद्वारों में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते प्रकाश पर्व वर्चुअल तरीके से मनाया जा रहा है। बंद पैकेट में लंगर बांटा जा रहा है। इसके अलावा गुरुद्वारा में आने वाले श्रद्धालु शारीरिक दूरी बनाकर मत्था टेक सकें, इस व्यवस्था को बनाने के लिए गुरुद्वारा परिसर में सेवादार सेवा में जुटे हैं। वहीं, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को गुरु नानक प्रकाशोत्सव और कार्तिक पूर्णिमा पर शुभकामनाएं दी हैं।

कार्तिक पूर्णिमा पर गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व हर वर्ष उत्साह के साथ मनाया जाता है। तीन दिन पहले से ही भव्य आयोजन शुरू हो होते हैं, नगर झांकी निकाली जाती है। लेकिन, इस बार कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी गुरुद्वारा कमेटियों ने पर्व को सादगी के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। गुरु सिंह सभा आढ़त बाजार, गुरुद्वारा नानकसर सत्संग सभा रायपुर, पटेलनगर, रेसकोर्स, प्रेमनगर आदि गुरुद्वारे में सुबह अखंड पाठ किया गया। उत्तराखंड सिख को-ऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष गुरुदीप सिंह सहोता ने बताया कि प्रकाश पर्व पर होने वाली भव्य आतिशबाजी इस बार नहीं की गई। आतिशबाजी न करने का निर्णय बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लिया गया है। सिख समाज अपने घरों में ही सजावट कर प्रकाश पर्व की खुशियां साझा करेगा। 

गुरुसिंह सभा आढ़त बाजार के महासचिव सेवा सिंह मठारू ने बताया कि सिख समाज कोरोना वायरस महामारी के समय हमेशा से शासन की गाइड लाइन का पालन करता आ रहा है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु यदि किसी कारणवश गुरुद्वारा नहीं आ सके, उनके लिए फेसबुक पर लाइव कीर्तन किए जा रहे हैं। गुरुद्वारे में नितनेम का पाठ और कीर्तन का सजीव प्रसारण किया गया। 

रुड़की में श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व

शिक्षानगरी रुड़की के गुरुद्वारों में सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव का 551 वां प्रकाश पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। गुरुद्वारों में रागी जत्थे कीर्तन कर संगत को निहाल कर रहे हैं। वहीं, कोरोना वायरस महामारी के कारण गुरुद्वारों में कम संख्या में संगत पहुंच रही है। शहर के बीटी गंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में अखंड पाठ की समाप्ति की गई। इसके बाद स्थानीय हजूरी रागी जत्थे सरणजीत सिंह ने कीर्तन किया। बच्चों की ओर से भी कीर्तन किए गए। अमृतसर से आए रागी जत्थे ने भी कीर्तन कर संगत को निहाल किया। 

वहीं, नेहरू स्टेडियम स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा में भी गुरु नानक देव का प्रकाश पर श्रद्धा पूर्वक मनाया जा रहा है। यहां पर हजूरी जत्थे गुरमीत सिंह, गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा से आए रागी जत्थे जरनैल सिंह और सुखदेव नगर गुरुद्वारे से आए रागी जत्थे भूपेंद्र सिंह ने कीर्तन किया। सिविल लाइंस जादूगर रोड स्थित गुरुद्वारा सत्संग सभा में भी गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर संगत दरबार में मत्था टेकने के लिए पहुंची। यहां पर रागी जत्थे ने कीर्तन किए। साथ ही कथा और विचार भी हुए। कोरोना वायरस के कारण गुरुद्वारों में आने वाली संगत के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई है।

सीएम और राज्यपाल ने दी बधाई 

अपने संदेश में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि गुरु नानक देव ने सदियों पहले समाज में फैली असमानता व बुराईयों को समाप्त करने का संदेश दिया। समाज में अज्ञानता व कुरीतियों को मिटाने का काम किया। वह सभी धर्मों, वर्गों व समुदाय में पूजनीय हैं। उनकी शिक्षा हमारी अमूल्य विरासत है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने संदेश में कहा कि गुरु नानक देव ने समाज की बुराईयों को दूर करने के लिए उपदेशों और शिक्षा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। जनता को समानता व भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि की कामना की है। 

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