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बढ़ी फीस न लेने का आदेश, छात्र आंदोलन जारी

बढ़ी फीस न लेने का आदेश, छात्र आंदोलन जारी
Publish Date:Fri, 22 Nov 2019 08:02 PM (IST) Author: Jagran

राज्य ब्यूरो, देहरादून

निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्र-छात्राओं से 14 अक्टूबर, 2015 के शासनादेश के मुताबिक बढ़ी फीस वसूल नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बीते रोज दिए गए निर्देश के बाद शुक्रवार को शासन ने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय को हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने को कहा है। जो निजी आयुर्वेदिक कॉलेज उक्त आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ एक माह के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उधर, शासनादेश जारी होने के बावजूद छात्रों ने आंदोलन वापस नहीं लिया है। अलबत्ता सरकार के कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने शनिवार को आम सहमति से आंदोलन के संबंध में निर्णय लेने की बात कही है।

निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों में बढ़ी फीस लेने के विरोध में लंबे समय से आंदोलनरत छात्रों को मनाने के लिए बीते गुरुवार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहल की थी। बीती देर शाम सचिवालय में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने शासन को हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक बढ़ी फीस नहीं लेने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शुक्रवार को आयुष सचिव दिलीप जावलकर ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव को आदेश जारी किए। सचिव ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से हाईकोर्ट के नौ जुलाई, 2018 और नौ अक्टूबर 2018 को पारित आदेशों का पालन करने की हिदायत दी है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट फीस वृद्धि के शासनादेश को निरस्त कर चुका है। कुलसचिव को हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए निजी आयुष कॉलेजों को बढ़ी फीस नहीं लेने को निर्देशित किया है। शासन ने आदेश का पालन नहीं करने पर निजी आयुष कॉलेजों के खिलाफ एक महीने में आयुर्वेद विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

उधर, शुक्रवार को शासनादेश जारी होने के बावजूद आंदोलनरत आयुष छात्र-छात्राओं ने आंदोलन वापस नहीं लिया। छात्र नेता ललित तिवारी ने कहा कि शासन का आदेश मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने छात्र हित में जो निर्णय लिया, वह स्वागतयोग्य है। शनिवार को इस आदेश पर छात्रों से बात की जाएगी। आम सहमति के आधार पर आंदोलन पर निर्णय लिया जाएगा।

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