गढ़वाल केंद्रीय विवि के दीक्षा समारोह में बोले शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान, युवाओं की आशाएं पूरी करने में सक्षम नई शिक्षा नीति

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय का नौवां दीक्षा समारोह आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में आयोजित किया गया। चौरास परिसर स्थित आडिटोरियम में आयोजित आफलाइन कार्यक्रम में 43 मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। 10 को एमफिल 147 को पीएचडी और 3659 को स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान की गई।

Raksha PanthriPublish:Wed, 01 Dec 2021 02:39 PM (IST) Updated:Wed, 01 Dec 2021 10:54 PM (IST)
गढ़वाल केंद्रीय विवि के दीक्षा समारोह में बोले शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान, युवाओं की आशाएं पूरी करने में सक्षम नई शिक्षा नीति
गढ़वाल केंद्रीय विवि के दीक्षा समारोह में बोले शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान, युवाओं की आशाएं पूरी करने में सक्षम नई शिक्षा नीति

जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय का नौवां दीक्षा समारोह आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में आयोजित किया गया। चौरास परिसर स्थित आडिटोरियम में आयोजित आफलाइन कार्यक्रम में 43 मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। वहीं 10 को एमफिल, 147 को पीएचडी और 3659 को स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान की गई।

इसके साथ ही प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को डाक्टर आफ लेटर्स (डीलिट) की मानद उपाधि प्रदान की गई। दीक्षा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान दिल्ली से और विवि के चांसलर योगेंद्र नारायण अमेरिका से वर्चुअल रूप से जुड़े। वहीं बतौर विशिष्ट अतिथि सीडीएस जनरल बिपिन रावत दीक्षा समारोह में पहुंचे। दिल्ली से दीक्षा समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में विश्वविद्यालय का योगदान महत्वपूर्ण होता है। नई शिक्षा नीति देश के करोड़ों युवाओं की आशाओं को पूरा करने में सक्षम होने के साथ ही जीवन में आगे बढऩे के लिए युवाओं के हौसले को भी बढ़ाने वाली है। हिमालयन क्षेत्र के केंद्रीय विश्वविद्यालयों के संगठन का दायित्व कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल को दिए जाने को महत्वपूर्ण बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वास जताया कि पर्यटन, जल संरक्षण और पर्यावरण के क्षेत्र में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि महत्वपूर्ण कार्य करता रहेगा।

वहीं सीडीएस बिपिन रावत ने अपना संबोधन गढ़वाली में दिया, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार की तलाश में न भटकें, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए स्टार्टअप के माध्यम से इंटरप्रिन्योरशिप को भी विकसित करें। जनरल रावत ने कहा कि साहसिक पर्यटन, जैविक खेती, जड़ी-बूटी को लेकर राज्य में अपार संभावनाएं भी हैं। जिंदगी में सदा सफलता नहीं मिलती है, असफलता को चुनौती के रूप में लेकर खामियों को दूर कर सफलता का संकल्प लेना चाहिए।

कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल की ओर से विवि के सैन्य विज्ञान विभाग में चेयर आफ प्रोफेसर की स्थापना करवाने का संदर्भ को लेते हुए जनरल रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुछ ऐसे पाठ्यक्रम भी हैं, जो सेना के लिए लाभकारी हैं। विश्वविद्यालय के चांसलर योगेंद्र नारायण ने अमेरिका से वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि युवा स्वयं में इंटरप्रिन्योरशिप को विकसित करें।

कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से हिमालयन क्षेत्र के विकास को लेकर पांच प्रमुख मुद्दों को लेकर सम्मिलित रूप से शोध कार्यों और कुछ कामन कोर्सों को संचालित करने की कार्ययोजना परवान चढ़ रही है। प्रधानमंत्री के लोकल फार वोकल अभियान को बढ़ावा देने के साथ ही विश्वविद्यालय के चौरास कैंपस को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित किया जा रहा है। बुघाणी रोड पर विश्वविद्यालय की भूमि पर बायो डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले समय में आक्सीजन टैंक के रूप में काम करेगा।

उन्होंने उमंग, उन्नत भारत अभियान, सैर सलीका, समाधान योजना के साथ ही एनएसएस और एनसीसी में विश्वविद्यालय की ओर से किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कुलसचिव डा. अजय खंडूड़ी ने आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व समारोह में विश्वविद्यालय की ओर से शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों को लेकर एक लघु फिल्म भी दिखाई गयी। श्वेता वर्मा ने समारोह का संचालन किया। इस दौरान कुमाऊं विवि के पूर्व कुलपति प्रो. डीके नौटियाल, विवि ईसी सदस्य डा. केसी शर्मा, उत्तराखंड संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी, पूर्व कुलपति प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मश्री डा. एएन पुरोहित, पद्मश्री कल्याण ङ्क्षसह रावत, विवि एल्यूमिनाई एसोसिएशन के सचिव महिपाल ङ्क्षसह भी मौजूद रहे।

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