उत्‍तराखंड में सामान्य अभ्यर्थी से भरा जाएगा ईडब्ल्यूएस से छूटा पद

प्रदेश की सरकारी सेवाओं में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थी के न मिलने से उनके लिए आरक्षित पद बैकलॉग नहीं होगा। इसे सामान्य अभ्यर्थी से भर लिया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

Sunil NegiPublish:Thu, 10 Dec 2020 07:45 AM (IST) Updated:Thu, 10 Dec 2020 07:45 AM (IST)
उत्‍तराखंड में सामान्य अभ्यर्थी से भरा जाएगा  ईडब्ल्यूएस से छूटा पद
उत्‍तराखंड में सामान्य अभ्यर्थी से भरा जाएगा ईडब्ल्यूएस से छूटा पद

राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश की सरकारी सेवाओं में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थी के न मिलने से उनके लिए आरक्षित पद बैकलॉग नहीं होगा। इसे सामान्य अभ्यर्थी से भर लिया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को पुलिस की भर्ती के लिए परीक्षा का अधिकार भी दिया गया है।

बुधवार को कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण में जो संशोधन किया था, उसे प्रदेश ने भी अपना लिया है। इसी तरह उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के पास पुलिस को छोड़ शेष विभागों के रिक्त पदों की भर्ती का अधिकार था। अब आयोग को पुलिस विभाग की लिखित परीक्षा का अधिकार दे दिया गया है। निकट भविष्य में पुलिस की परीक्षा भी आयोग के जरिये कराई जाएंगी।

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 927 पदों स्वीकृत

प्रदेश सरकार ने रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 927 पदों के सृजन को अनुमति दी है। दरअसल, यहां एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ाई जा रही हैं। इसे देखते हुए नए पदों का सृजन किया गया है। इसमें प्रोफेसर से लेकर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के पद शामिल हैं।

दून मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट के 44 पद मंजूर

कैबिनेट ने दून मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के लिए 44 सुपर स्पेशलिस्ट के पदों को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे यहां स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा।

सुरक्षा एजेंसी को अब एक जिले से लेना होगा चरित्र प्रमाण पत्र

सुरक्षा एजेंसियों को अब एक ही जिले से चरित्र प्रमाण पत्र लेना होगा। यह सभी 13 जिलों में मान्य होगा। अभी तक सुरक्षा एजेंसी खोलने के लिए हर जिले से प्रमाण पत्र लेना होता था। इसके बाद ही उसका पंजीकरण किया जाता था।

विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव के बढ़ाए अधिकार

कैबिनेट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की नियमावली में संशोधन किया है। इसके तहत आकस्मिक व्यय की प्रतिपूर्ति की सीमा अब 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दी गई है। इसके अलावा सचिव पद के लिए अर्हता को न्यूनतम पांच वर्ष रखा गया है।

पेयजल निगम की सेवा नियमावली को मंजूरी

कैबिनेट ने पेयजल निगम की सेवा नियमावली को मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार पेयजल निगम में अब कार्मिक विभाग के नियम लागू होंगे। दरअसल, पेयजल निगम बोर्ड ने पहले अपने नियम लागू किए थे। इससे वरिष्ठता व दंड के नियम, शासन के नियम से अलग थे। ऐसे में एकरूपता लाने के लिए यहां कार्मिक विभाग की नियमावली लागू करने का निर्णय लिया गया है।

खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में सात पद समर्पित

खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में लेखा संवर्ग के सात पदों को समर्पित कर अब केवल तीन पद रखे गए हैं। इसके तहत लेखाधिकारी, वरिष्ठ लेखा निरीक्षक, कनिष्ठ लेखा निरीक्षक व सांख्यिकी अधिकारी के कुल सात पदों को समर्पित किया गया है। इसके सापेक्ष अब केवल लेखाकार का एक और सहायक लेखाकार के दो पद स्वीकृत किए गए हैं।

शहीद के आश्रितों को अनुदान देने के लिए बनाया कानून

प्रदेश में शहीदों के आश्रितों को प्रदेश सरकार अनुदान देती है मगर इसके लिए कोई कानून नहीं था। इस कारण इसमें विधिक अड़चन आने की आशंका बनी हुई थी। इसे देखते हुए कैबिनेट ने उत्तराखंड शहीद आश्रित अनुग्रह अनुदान अधिनियम 2020 बनाने को मंजूरी प्रदान कर दी है।

मॉल में अब शराब होगी सस्ती

प्रदेश के मॉल व स्टोर में बिकने वाली शराब अब सस्ती हो सकती है। इसके लिए कैबिनेट ने इनकी एमजीडी कम करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। दरअसल, कोरोना के कारण प्रदेश सरकार ने शराब की दुकानों को एमजीडी में छूट दी थी। अब मॉल व स्टोर के लाइसेंसधारकों को भी इसमें छूट दे दी है। इससे यहां शराब सस्ती होने की उम्मीद है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की समस्याओं पर सीएम लेंगे निर्णय

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण में लगी कंपनियों के सामने भंडारण और क्रशर लगाने को लेकर दिक्कतें आ रही है। इसका समाधान कैसे हो, इसके लिए कैबिनेट ने मुख्य सचिव को तीन दिन के भीतर हल निकालने को कहा है। इसके साथ ही इस पर निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।

पीजी कर रहे डॉक्टर या तो मानदेय लेंगे या फिर आधा वेतन

प्रदेश में सरकारी कोटे से पीजी की डिग्री लेने वाले डॉक्टरों के लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था तय कर दी है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि ये डॉक्टर या तो मानदेय (स्टाइपेंड) लेंगे या फिर आधा वेतन। अभी तक इन्हें आधा वेतन ही मिल रहा है। साथ ही बैंक गारंटी अब एक करोड़ से कम कर 50 लाख कर दी गई है।

महिला पुलिस कर्मियों को मिलेंगे पदोन्नति के अधिक मौके

पुलिस महकमे में अब पीएसी, आइआरबी आदि में तैनात महिला कार्मिकों को भी पदोन्नति के अधिक मौके मिलेंगे। इसके लिए कैबिनेट ने संशोधित नियमावली को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके लिए आरक्षी, महिला आरक्षी, सब इंस्पेक्टर की वरिष्ठता सूची अलग-अलग बनेगी और इन्हें समान रूप से ही पदोन्नति दी जाएगी।