चीना सीमा से सटे गंगोत्री नेशनल पार्क में चार ट्रैकिंग रूट को मिल सकती है हरी झंडी

चीना सीमा से सटे गंगोत्री पार्क में खुल सकते हैं चार ट्रैकिंग रूट।

Gangotri National Park गंगोत्री नेशनल पार्क की जादुंग और नेलांग घाटी में चार ट्रैकिंग रूट खोलने का रास्ता मंगलवार को साफ हो सकता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में होने वाली उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 12:45 PM (IST) Author: Raksha Panthari

देहरादून, राज्य ब्यूरो। Gangotri National Park  चीन सीमा से सटे गंगोत्री नेशनल पार्क की जादुंग और नेलांग घाटी में चार ट्रैकिंग रूट खोलने का रास्ता मंगलवार को साफ हो सकता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में होने वाली उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके अलावा जौलग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार के लिए वन भूमि दिए जाने के मद्देनजर शिवालिक एलीफेंट रिजर्व की अधिसूचना को निरस्त करने समेत एक दर्जन से अधिक प्रस्ताव भी बैठक में रखे जाएंगे।

गंगोत्री नेशनल पार्क में जादुंग-जनकताल, जसपुर-ब्रह्मीखाल, नेलांग डुम्कू-चोरगाड़ व झाला-अवान बुग्याल ट्रैकिंग रूट खोलने पर जोर दिया जा रहा है। ये क्षेत्र इनर लाइन के दायरे में आते हैं। राष्ट्रीय पार्क में होने के कारण इन रूट को खोलने को राज्य वन्यजीव बोर्ड से अनुमति लेना जरूरी है। इसके बाद इनके लिए इनर लाइन परमिट लिए जाने हैं। सूत्रों के अनुसार इस सबको देखते हुए इन ट्रैकिंग रूट के प्रस्ताव को राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में लाया जा रहा है, जिन पर मुहर लगने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में लालढांग-चिलरखाल मार्ग, गोला, कोसी, दाबका, शारदा नदियों में खनन के मद्देनजर पर्यावरणीय स्वीकृति समेत अन्य प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।

एमएसएमइ क्षेत्र के लिए ईको सिस्टम को मजबूत करने को एमओयू

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, उद्योग विभाग एवं सिडबी द्वारा चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र के विकास पर तैयार की गई स्टडी रिपोर्ट का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राज्य में एमएसएमइ क्षेत्र के लिए समग्र ईको सिस्टम को मजबूत करने के एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए। राज्य सरकार की ओर से महानिदेशक एसए मुरुगेशन एवं सिडबी के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज मित्तल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस करार के अंतर्गत सिडबी उत्तराखंड सरकार के अधीन एक परियोजना प्रबंध इकाई स्थापित करेगा। यह इकाई राज्य में एमएसएमइ के संगठित विकास के लिए विस्तृत योजना तैयार करने, इक्विटी सहायता, ब्याज अनुदान सहायता, उभरते उद्यमी समूहों की मैपिंग के साथ ही राज्य सरकार का सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास एवं एमएसएमइ के क्षेत्र में अनेक कार्य कर रही है। यह एमओयू राज्य में एमएसएमइ ईको सिस्टम को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र के विकास के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाए, जिसमें सचिव उद्योग, एमडी सिडकुल, सचिव वित्त, सचिव चिकित्सा को शामिल किया जाए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डॉ केएस पंवार, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, अनिल गोयल, सचिव डॉ. पंकज पांडेय, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल उपस्थित थे।

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