दून मेडिकल कालेज के 2019 बैच के पांच छात्रों को हास्टल से किया निष्कासित, धरने पर बैठे छात्र

दून मेडिकल कालेज प्रबंधन ने वर्ष 2019 बैच के पांच छात्रों को हास्टल से निष्कासित कर दिया है। दून मेडिकल कालेज प्रबंधन ने छात्रों के निष्‍कासन का कारण अनुशासन‍हीनता बताया है। वहीं इसके विरोध में मेडिकल छात्र धरने पर बैठे।

Sunil NegiMon, 20 Sep 2021 01:28 PM (IST)
एबीबीएस फीस वृद्धि के विरोध में दून मेडिकल कालेज प्रांगण में धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं। जागरण

जागरण संवाददाता, देहरादून। दून मेडिकल कालेज के 2019 बैच के पांच छात्रों को हास्टल से निष्कासित कर दिया गया है। कालेज प्रबंधन ने निष्कासन का कारण अनुशासनहीनता बताया है। जिसके खिलाफ छात्र रविवार सुबह प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। निष्कासन रद न होने पर उन्होंने भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

कालेज प्रबंधन ने शनिवार को छात्रों पर कालेज की छवि बिगाड़ने, बिना अनुमति धरना देने, सुरक्षा कर्मियों से अभद्रता और जूनियर छात्रों पर आंदोलन में शामिल होने का दबाव बनाने के आरोप में पांच छात्रों के निष्कासन की चिट्ठी जारी की। जिसके विरोध में अन्य छात्र धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कालेज प्रबंधन तानाशाही कर रहा है। फीस कम करने की मांग को लेकर चल रहे उनके आंदोलन को तमाम बहाने बनाकर कमजोर किया जा रहा है। निष्कासित छात्रों पर बेवजह कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि किसी भी छात्र पर आंदोलन करने को लेकर दबाव नहीं बनाया गया। फीस कम कराना सभी का मुद्दा है। सब अपनी मर्जी से आंदोलन कर रहे हैं।

उधर, अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों को समझाया। उन्होंने कहा कि छात्र मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग उनके सामने रख चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मामला कैबिनेट में लाया जाएगा। अन्य राज्यों की फीस का अध्ययन कर छात्र हित में उचित निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में धरना-प्रदर्शन के बजाय छात्रों को अब पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने प्राचार्य से वार्ता कर एवं स्वजन को बुलाकर निष्कासन रद करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्रों ने सोमवार तक के लिए धरना स्थगित कर दिया। वहीं 2019 एवं 2020 बैच के छात्रों के हस्ताक्षर वाली एक चिट्ठी भी कालेज प्रबंधन को सौंपी है। जिसमें कहा गया है कि कालेज प्रबंधन को आंदोलन की जानकारी वक्त-वक्त पर दी गई। कोई जबरन आंदोलन में शामिल नहीं हो रहा है।

डा. आशुतोष सयाना, (प्राचार्य, दून मेडिकल कालेज) ने कहा कि कई नोटिस के बाद भी लगातार अनुशासनहीनता की जा रही है। जूनियर छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है, जो उचित नहीं है। कमेटी की जांच के बाद ही पांच छात्रों को हास्टल से निष्कासित किया गया है। फीस का मामला कालेज स्तर का नहीं है। कालेज परिसर में धरना-प्रदर्शन से माहौल खराब हो रहा है।

यह भी पढ़ें:- मेडिकल कालेज के प्राचार्य को एक छात्र ने किया ई-मेल, उसमें लिखा- सीनियर ने गर्दन नीचे रखने का सुनाया है फरमान

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.