गढ़वाल में पहली बार दिखा दिन में उड़ने वाला दुर्लभ पतंगा, वर्ष 1893 में नैनीताल में रिपोर्ट हुआ था यह पतंगा

वन्यजीव सप्ताह के दौरान उत्तराखंड को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। टिहरी जिले के अंतर्गत देवलसारी स्थित श्रीदेव सुमन तितली पार्क में दिन में उड़ने वाला दुर्लभ पतंगा (एचिलूरा बाइफासियाटा) रिपोर्ट हुआ है। पार्क के चयाणा खड्ड में ये दो-चार नहीं बल्कि बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं।

Sunil NegiPublish:Fri, 09 Oct 2020 12:12 PM (IST) Updated:Fri, 09 Oct 2020 10:19 PM (IST)
गढ़वाल में पहली बार दिखा दिन में उड़ने वाला दुर्लभ पतंगा, वर्ष 1893 में नैनीताल में रिपोर्ट हुआ था यह पतंगा
गढ़वाल में पहली बार दिखा दिन में उड़ने वाला दुर्लभ पतंगा, वर्ष 1893 में नैनीताल में रिपोर्ट हुआ था यह पतंगा

देहरादून, राज्य ब्यूरो। वन्यजीव सप्ताह के दौरान उत्तराखंड को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। टिहरी जिले के अंतर्गत देवलसारी स्थित श्रीदेव सुमन तितली पार्क में दिन में उड़ने वाला दुर्लभ पतंगा (एचिलूरा बाइफासियाटा) रिपोर्ट हुआ है। पार्क के चयाणा खड्ड में ये दो-चार नहीं बल्कि बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं। तितली ट्रस्ट के संजय सोंधी के मुताबिक यह पतंगा पहली बार गढ़वाल में रिपोर्ट हुआ है। इससे पहले अंग्रेज लेखक जीएफ हैंपसन की 1893 में लिखी गई पुस्तक में यह दुर्लभ पतंगा नैनीताल में देखे जाने का जिक्र है।

क्षेत्रीय युवाओं के संगठन देवलसारी पर्यावरण संरक्षण एवं तकनीकी विकास समिति ने देवलसारी में पांच साल पहले वन पंचायत के जंगल को पनपाने का बीड़ा उठाया। जैवविविधता और पक्षी विविधता के लिहाज से महत्वपूर्ण इस जंगल में श्रीदेव सुमन तितली पार्क भी बनाया गया है। बड़ी संख्या में पक्षी और तितली प्रेमी इनके अवलोकन के लिए देवलसारी पहुंचते हैं।

इस बीच चार दिन पहले समिति के अरुण गौड़ को श्रीदेव सुमन तितली पार्क के चियाणा खडड क्षेत्र में दुर्लभ पंतगा नजर आया। इस इलाके में रात्रि में उडने वाले पतंगे तो बहुतायत में हैं, मगर दिन में उड़ने वाला पतंगा पहली बार दिखा। इस पर उनके द्वारा इस बारे में तितली ट्रस्ट के संजय सोंधी को जानकारी दी। सोंधी ने भी देवलसारी जाकर इन खूबसूरत पतंगों को देखा। फिर इसके बारे में जानकारी जुटाई।

सोंधी बताते हैं कि तमाम रिकार्ड देखने के बाद ये बात सामने आई कि एचिलूरा बाइफासियाटा नामक यह पतंगा पहली बार गढ़वाल क्षेत्र में नजर आया है। उन्होंने कहा कि इस दुर्लभ पतंगे के देवलसारी में दिखने से साफ है कि वहां की जैवविविधता और ज्यादा सशक्त हुई है। यह क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है।

टोनी राजा भी पहली बार दिखी

देवलसारी पर्यावरण संरक्षण एवं तकनीकी विकास समिति के अरुण गौड़ बताते हैं कि देवलसारी में पहली बार टोनी राजा नामक तितली की प्रजाति भी दिखी है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में तितलियों का भी रंग-बिरंगा संसार मौजूद है। 

यह भी पढ़ें: देशभर में तैयार हो रहा पालतू हाथियों का DNA प्रोफाइल, जानिए किसे सौंपा गया है जिम्मा