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टीकाकरण के रजिस्ट्रेशन में साइबर ठगी की आशंका, पुलिस ने किया अलर्ट; कालाबाजारी के संबंध में यहां करें संपर्क

टीकाकरण के रजिस्ट्रेशन में साइबर ठगी की आशंका, पुलिस ने किया अलर्ट।

जीवनरक्षक दवाइयों और ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए साइबर ठग भी सरगर्म हो गए। इसका लाभ उठाकर अपराधी आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए जीवन रक्षक औषधि वैक्सीन और ऑक्सीजन सहित अन्य चिकित्सीय संसाधनों की उपलब्धता बताते हुए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी विज्ञापन व रजिस्ट्रेशन का लिंक भेज रहे।

Raksha PanthriTue, 11 May 2021 06:45 AM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। बढ़ते कोरोना संक्रमण में जीवनरक्षक दवाइयों और ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए साइबर ठग भी सरगर्म हो गए हैं। इसका लाभ उठाकर साइबर अपराधी आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए जीवन रक्षक औषधी, वैक्सीन और ऑक्सीजन सहित अन्य चिकित्सीय संसाधनों की उपलब्धता बताते हुए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी विज्ञापन व रजिस्ट्रेशन के लिए लिंक भेजकर जरुरतमंदों से साइबर ठगी की जा रही है। 

प्रदेश में 18-44 आयुवर्ग का सोमवार से टीकाकरण शुरू हो गया है। इसी बीच कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन करने के नाम पर साइबर ठगी की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। इसी खतरे को देखते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) व साइबर थाना पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। साइबर थाना पुलिस की ओर से साइबर ठगों से सावधान रहते हुए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही रजिस्ट्रेशन करने को कहा है।

पुलिस की ओर से खासकर युवाओं को संदेश भेजे जा रहे हैं कि किसी भी अंजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी एप डाउनलोड न करें और फोन व मैसेज के माध्यम से अपनी निजी और बैंक संबंधी जानकारी किसी को न दें व ना ही कोई कोड या ओटीपी किसी को बताएं। अपनी गोपनीय जानकारी देने पर साइबर ठग आपका बैंक खाता खाली कर सकते हैं। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि वर्तमान में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जीवन रक्षक औषधी, वैक्सीन व ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ गई है। इसलिए अलग-अलग माध्यमों से प्रदेश्वासियों को अलर्ट किया जा रहा है कि हमेशा अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही रजिस्ट्रेशन करें, वरना वह ठगी के शिकार हो सकते हैं। 

कालाबाजारी के संबंध में यहां करें संपर्क

एसएसपी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच उत्तराखंड पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 9412029536 व वॉट्सअप नंबर 9411112780 जारी किए हैं। कोई भी व्यक्ति ऑक्सीजन सिलिंडर, रेमेडेसिविर इंजेक्शन और अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी साझा कर सकते हैं । सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। 

इनके साथ हुई ठग

नेहरू कॉलोनी निवासी राहुल भगत ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उनसे फोन व वाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। व्यक्ति ने खुद को दवाइयों का होलसेलर बताते हुए दवाइयां भिजवाने के नाम पर राहुल भगत से 51 हजार रुपये की ठगी कर दी।

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