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होटल व उद्योगों में प्रवासियों को मिलेगा रोजगार

राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश में कोरोना के बाद दूसरे राज्यों से वापस लौटे प्रवासियों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार देने की दिशा में कदम उठने शुरू हो गए हैं। कौशल विकास विभाग ने सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की सूची होटलों व उद्योगों को भेजनी शुरू कर दी है। मकसद यह कि प्रवासियों की योग्यता के अनुसार प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

कोरोना के कारण देश भर में लगे लॉकडाउन के बाद प्रदेश में अभी तक 3.35 लाख प्रवासी घर वापस आ चुके हैं। इनका वापस आना प्रदेश के लिए सुखद है। इससे पलायन के कारण तेजी से खाली होते हुए गांवों में फिर से रौनक वापस लौटने की उम्मीद बलवती हुई है। हालांकि, प्रवासियों को प्रदेश में ही रोकने के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन्हें रोजगार दिलाने की है। इसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होप पोर्टल आदि खोले गए हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के जरिये इन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए आर्थिक मदद दिए जाने का प्रविधान किया जा रहा है। वहीं होप पोर्टल के जरिये इनकी दक्षता और योग्यता की जानकारी ली जा रही है। हाल ही में पलायन एवं ग्राम्य विकास आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें यह बताया गया है अभी तक पंजीकरण कराने वालों में 56 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो होटल व सेवा क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। 18 फीसद उद्योग व तकनीकी सेवाओं और शेष अन्य क्षेत्रों में योग्यता रखते हैं। इसे देखते हुए कौशल विकास विभाग ने इन सभी लोगों की सूची उद्योगों व होटलों को भी भेजी है। मकसद यह कि ये सभी जरूरत के हिसाब से अपने यहां रिक्त पदों को भर सकें। इसके अलावा होप पोर्टल से भी उद्योगों व होटलों को जोड़ा जा रहा है ताकि नियोक्ता भी अपनी जरूरतों के हिसाब से योग्य मानव श्रम रख सकें।

अपर सचिव कौशल विकास अहमद इकबाल ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि होटल, उद्योग व सर्विस सेक्टरों को इन प्रशिक्षित लोगों की सूची भेजी जा रही है ताकि वे अपनी जरूरत के हिसाब से इन्हें रोजगार दे सकें।

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