उत्तराखंड में बिजली कर्मियों की हड़ताल से विद्युत उत्पादन रहा ठप, चरमरा गई व्यवस्था

बिजली कर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल से पूरा सिस्टम चरमरा गया। मंगलवार को उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की सभी परियोजनाओं में उत्पादन तकरीबन पूरी तरह ठप रहा। जिससे प्रदेश में करीब 22 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन प्रभावित हुआ।

Raksha PanthriWed, 28 Jul 2021 02:57 PM (IST)
उत्तराखंड में बिजली कर्मियों की हड़ताल से विद्युत उत्पादन रहा ठप, चरमरा गई व्यवस्था। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, देहरादून। बिजली कर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल से पूरा सिस्टम चरमरा गया। मंगलवार को उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की सभी परियोजनाओं में उत्पादन तकरीबन पूरी तरह ठप रहा। जिससे प्रदेश में करीब 22 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन प्रभावित हुआ।

इन दिनों प्रदेश में यूजेवीएनएल की 17 परियोजनाओं में से 14 में विद्युत उत्पादन हो रहा है। इनमें भी गाद आने की वजह से आजकल उत्पादन प्रभावित रहता है। हालांकि, इस सब के बावजूद प्रतिदिन यूजेवीएन उक्त परियोजनाओं से औसतन 22 मिलियिन यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। ऐसे में एक दिन की हड़ताल यह उत्पादन पूरी तरह ठप रहा। जिससे तकरीबन 15 करोड़ की हानि का अनुमान है।

यूजेवीएन की परियोजनाओं से उत्पादन की स्थिति

परियोजना, कुल क्षमता, प्रतिदिन औसत उत्पादन

छिबरो, 240, 4.8

खोदरी, 120, 2.0

ढकरानी, 33.75, 0.75

ढालीपुर, 51, 1.0

कुल्हाल, 30, 0.72

मनेरी भाली-तिलोथ, 90, 1.6

मनेरी भाली-धरासू, 304, 7.1

चीला, 144, 3.0

खटीमा, 41.40, 0.96

पथरी, 20.4, 0.34

मोहम्मदपुर, 9.3, 0.17

गलोगी, 3.5, 0.02

पिलंग गाड़, 2.25, 0.01

कालीगंगा, 4.0, 0.07

(परियोजना की क्षमता मेगावाट में और उत्पादन मिलियन यूनिट में है। 198 मेगावाट की रामगंगा, 1.5 मेगावाट की दुनाऊ और 3.0 मेगावाट की उर्गम परियोजना में तकनीकी कारणों से उत्पादन ठप चल रहा है।)

मनेरी भाली में दो करोड़ का नुकसान

बिजली कार्मिकों की हड़ताल से मनेरी भाली परियोजनाओं पर भी खासा असर दिखा। यहां उत्पादन ठप होने से दोनों परियाजनाओं को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। महत्वपूर्ण मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना प्रथम और द्वितीय में मंगलवार को दिनभर उत्पादन ठप रहा। उत्तरकाशी जनपद में भागीरथी नदी पर निर्मित मनेरी भाली जलविद्युत परियोजना प्रथम (तिलोथ) 90 मेगावाट की है, जबकि भागीरथी नदी पर निर्मित मनेरीभाली जलविद्युत परियोजना द्वितीय (धरासू) 304 मेगावाट की है।

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