अभिभावकों के पास विकल्प, हाइब्रिड माडल पर चलेंगे स्कूल

कोरोना संक्रमण के अंदेशे से चिंतित अभिभावकों की सरकार ने सुन ली है। प्रदेश में दो अगस्त से स्कूल तो खुलेंगे लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में अभिभावकों की सहमति ली जाएगी। शिक्षा सचिव राधिका झा ने कहा कि स्कूलों को खोलने को लेकर हाइब्रिड माडल अपनाया जाएगा।

Sumit KumarFri, 30 Jul 2021 06:10 AM (IST)
उत्‍तराखंड में दो अगस्त से स्कूल तो खुलेंगे, लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर अभिभावकों की सहमति ली जाएगी।

राज्य ब्यूरो, देहरादून: कोरोना संक्रमण के अंदेशे से चिंतित अभिभावकों की सरकार ने सुन ली है। प्रदेश में दो अगस्त से स्कूल तो खुलेंगे, लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में अभिभावकों की सहमति ली जाएगी। शिक्षा सचिव राधिका झा ने कहा कि स्कूलों को खोलने को लेकर हाइब्रिड माडल अपनाया जाएगा। स्कूलों में आफलाइन और आनलाइन पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के टीकाकरण के संबंध में विभाग से ब्योरा तलब किया गया है।

राज्य में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर धीमी पड़ने के कारण सरकार दो अगस्त से छठी से 12वीं कक्षा तक स्कूलों को खोलने का निर्णय ले चुकी है। इससे पहले चालू माह के दूसरे हफ्ते से शिक्षकों को भी स्कूलों में मौजूद रहने के आदेश दिए जा चुके हैं। स्कूल खुलने के साथ ही कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन कराने की चुनौती शिक्षा विभाग के सामने है। अभिभावकों की बड़ी संख्या ऐसी भी है, जो कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए स्कूलों को खोलने के पक्ष में नहीं है। अभिभावकों की इस चिंता पर सरकार ने गौर किया है।

शिक्षा सचिव राधिका झा ने बताया कि स्कूल संचालित करने के हाइब्रिड माडल में अभिभावकों के पास विकल्प रहेगा कि अपने पाल्यों को स्कूल भेजें या नहीं। छात्र-छात्राओं को स्कूलों में बुलाने से पहले अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी। विभाग को अभिभावकों की सहमति लेने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। सहमति नहीं देने वाले अभिभावकों के बच्चों के लिए आनलाइन पढ़ाई का विकल्प खुला रहेगा। शिक्षकों को वाट्सएप ग्रुप बनाकर छात्र-छात्राओं को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। आफलाइन पढ़ाई के साथ आनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी, ताकि स्कूल नहीं आने वाले बच्चों को पढ़ाई से वंचित न होना पड़े।

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शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों में शिक्षकों, कर्मचारियों और भोजनमाताओं के टीकाकरण के बारे में ब्योरा देने को कहा गया है। अभी तक जिन शिक्षकों, कर्मचारियों और भोजनमाताओं को टीका नहीं लगा अथवा दूसरी डोज नहीं लगी, उनका प्राथमिकता के साथ टीकाकरण कराने के निर्देश भी सचिव ने दिए हैं। शिक्षा सचिव ने गुरुवार को भी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों में मास्क के प्रयोग व सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानक का पालन कराने की हिदायत दी। स्कूल खुलने से पहले सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा।

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