परिवहन निगम के वर्कशॉप परिसर में इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग

राज्य ब्यूरो, देहरादून: दून स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत देहरादून में हरिद्वार रोड स्थित उत्तराखंड परिवहन निगम के वर्कशॉप परिसर में इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में स्मार्ट सिटी परियोजना के सिलसिले में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व परिवहन मंत्री यशपाल आर्य भी मौजूद थे। इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग में कलक्ट्रेट, विकास भवन, परिवहन निगम मुख्यालय समेत 25 विभागों के कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे। इसके अलावा बिल्डिंग में पांच हजार वर्ग मीटर का एक तल परिवहन निगम को देने पर भी सहमति बनी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में लोगों को सरकारी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें, इसके लिए परिवहन निगम के वर्कशॉप परिसर में इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग स्थापित की जाएगी। यह एक तरह का जिला सचिवालय होगा। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन निगम से वर्कशॉप परिसर की भूमि लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में ग्रीन बिल्डिंग के लिए दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने भूमि की प्रतिपूर्ति के लिए मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति जल्द ही प्रस्ताव तैयार मुख्यमंत्री को सौंपेगी।

शहरी विकास मंत्री कौशिक के अनुसार इस बात पर भी सहमति बनी कि वर्कशॉप परिसर की भूमि तत्काल स्मार्ट सिटी के लिए दे दी जाए। उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग में पांच हजार वर्ग मीटर का एक तल परिवहन निगम को दिए जाने पर भी सहमति बनी। बैठक में शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली, एमडीडीए के उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ट्रांसपोर्टनगर में बनेगा वर्कशॉप

कैबिनेट मंत्री कौशिक ने बताया कि परिवहन निगम अपना वर्कशॉप ट्रांसपोर्टनगर में बनाएगा। इसके लिए निगम के पास वहां भूमि भी उपलब्ध है। वर्कशॉप के निर्माण के लिए निगम ने लगभग 35 करोड़ की राशि मांगी है। सरकार उसे यह राशि प्रदान करेगी।

2023 के बाद आइएसबीटी निगम को

उत्तराखंड परिवहन निगम को देहरादून में वर्ष 2023 के बाद अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आइएसबीटी) सौपा जा सकता है। कैबिनेट मंत्री कौशिक के मुताबिक बैठक में यह मसला भी उठा। वर्तमान में रैमकी कंपनी आइएसबीटी का संचालन कर रही है। 2023 में उसका करार खत्म होने के बाद आइएसबीटी परिवहन निगम को सौंपने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

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