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Coronavirus से अवसाद में न आएं, इस तरह से खुद को और दूसरों को बचाएं

देहरादून, जेएनएन। कोरोना महामारी का रूप जैसे विकराल होता जा रहा है लोगों में दहशत भी बढ़ती जा रही है। संक्रमण के विस्तार और मौत के बीच लोग अवसाद की चपेट में आ रहे हैं। बुजुर्ग और महिलाएं ही नहीं युवा भी खौफ में जी रहे हैं। जबकि, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार यह घबराने का समय नहीं है। एहतियात बरतकर खुद और दूसरों को सुरिक्षत रखने का समय है। कोरोना संक्रमण से बचाव करें और शारीरिक दूरी बनाकर दिलों की नजदीकियां बरकरार रखें।

जब हमारे आसपास का पूरा माहौल कोरोना वायरस की ही खबरों से भरा पड़ा है, तो आखिर इसके भय से कैसे बचा जाए। यह सवाल भी इन दिनों अधिकांश लोगों के मन में कुलाचें भर रहा है। खासतौर से जो लोग किसी न किसी मानसिक बीमारी का शिकार हैं उनके लिए ऐसे माहौल से दूर रहना और जरूरी हो जाता है। खासकर एकाकी जीवन यापन करने वालों के लिए यह समय बेहद मुश्किल है। ऐसे में खुद को मजबूत करते हुए आवश्यकता है शारीरिक दूरी बनाए रखने की और मास्क का प्रयोग कर सुरक्षित रहने की।

इस मुश्किल समय में अवसाद से बचने के लिए दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ. महेंद्र पंत ने कुछ सुझाव दिए हैं। उनका कहना है कि संकट की स्थिति जरूर है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं। इस समय सभी लोगों को आइसीएमआर की गाइडलाइन का पालन करना है। ताकि वे खुद और दूसरों को सुरक्षित रख सकें। जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें और मास्क और ग्लब्ज का प्रयोग भी जरूर करें।

हम अकेले नहीं हैं...

इन दिनों लोगों को अपने या अपने किसी करीबी के करोना का शिकार होने का डर है। ऐसे में खुद को समझाएं कि यह संकट एक साथ पूरी दुनिया में आया है। इसके खतरे में जितने हम हैं, उतने ही दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग भी हैं। यह बीमारी अचानक नहीं होगी और सिर्फ आपको नहीं होगी। यह भी जाहिर है कि एहतियात बरतने पर कोरोना होने की संभावना न्यून हो जाती है।

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कोरोना के मामलों में स्वस्थ होने वाले अधिक, मौतें कम

फिलहाल जो स्थिति है, उस पर गौर करें। देखें कि बीमारी से मरने वालों की तादाद बेहद कम है, जबकि ठीक होने वालों की बहुत ज्यादा। साथ ही, ऐसे भी बहुत हैं जो बिना इलाज ही ठीक हो गए। डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना के करीब 50 फीसद मामले तो बिना इलाज के ही ठीक हो जाते हैं। करीब 20 फीसद मामलों में ही गंभीर स्थिति होती है। बस दूसरों से दूरी बनाकर रखें तो न तो आप संक्रमित होंगे और न आपसे किसी में यह फैलेगा।

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