Mayors Council meeting: नगर निगमों में 74वां संशोधन लागू करने की मांग, पीएम मोदी से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

Mayors Council meeting अयोध्या में हुई दो दिवसीय आल इंडिया मेयर काउंसिल की बैठक में शामिल होकर लौटे महापौर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि बैठक में नगर निगमों में सुधार से जुड़े कईं मामलों पर मंथन हुआ। मेयर काउंसिल का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा।

Sumit KumarThu, 16 Sep 2021 03:15 PM (IST)
महापौर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि बैठक में नगर निगमों में सुधार से जुड़े कईं मामलों पर मंथन हुआ।

जागरण संवाददाता, देहरादून: Mayors Council meeting जनता की सेवा से जुड़े 18 सरकारी विभागों को नगर निगम में शामिल करने से जुड़े 74वें संशोधन को लेकर मेयर काउंसिल का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा। अयोध्या में हुई दो दिवसीय आल इंडिया मेयर काउंसिल की बैठक में शामिल होकर लौटे महापौर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि बैठक में नगर निगमों में सुधार से जुड़े कईं मामलों पर मंथन हुआ।

अयोध्या में 12 व 13 सितंबर को आल इंडिया मेयर काउंसिल की बैठक में शामिल होने उत्तराखंड से केवल दून महापौर सुनील उनियाल गामा गए थे। बैठक में पूरे देश के 30 मेयर शामिल हुए। बुधवार को लौटने पर महापौर गामा ने बताया कि गुजरात और महाराष्ट्र समेत कईं राज्यों में नगर निगम में 74वां संशोधन लागू हो चुका है। संशोधन के बाद पेयजल, ऊर्जा, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग जैसे कुल 18 विभाग नगर निगम के अधीन आ चुके हैं। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश समेत कईं राज्य में अभी यह संशोधन लागू नहीं हुआ है व इस वजह से आमजन को एक छत के नीचे जन सुविधा नहीं मिल पाती। लंबे समय से 74वां संशोधन लागू करने की मांग की जा रही है।

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इसके अलावा कर्ईं राज्यों में मेयर का कार्यकाल एक साल, ढाई साल व तीन साल का है। बैठक में मांग रखी गई कि पूरे देश में मेयर का कार्यकाल पांच साल का होना चाहिए। इसके साथ मेयर का चुनाव भी जनमत से होना चाहिए। वहीं, दून आने पर भाजपा कार्यकत्र्ताओं ने महापौर गामा का एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

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होर्डिंग टेंडर के लिए नहीं मिल रही कंपनी

एक जमाने में दून में होर्डिंग के कारोबार के लिए कंपनियों में जोर-आजमाइश होती थी, लेकिन इन दिनों नगर निगम को होर्डिंग टेंडर के लिए कंपनी ही नहीं मिल रही। गत मार्च से लेकर अब तक निगम दो बार टेंडर कर चुका है लेकिन कोई कंपनी नहीं आई। निगम शहर में 260 होर्डिंग साइट के टेंडर करता है, जिसका दो साल का शुल्क आठ करोड़ रुपये रखा हुआ है। साल 2015 में जिस कंपनी ने 5.60 करोड़ में टेंडर लिया था, अब तक वही कंपनी इसकी जिम्मेदारी संभाल रही। अब नगर निगम उसी कंपनी के साथ मोलभाव कर दोबारा टेंडर देने की तैयारी कर रहा। कर अधीक्षक विनय प्रताप सिंह ने बताया कि पुरानी कंपनी से शुल्क को लेकर बातचीत चल रही।

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