देहरादून में कोरोना संक्रमण में कारगर दवाइयों की मांग बढ़ी, पढ़िए पूरी खबर

कोरोना टेस्ट कराने के लिए दून अस्पताल में लाइन में लगे लोग।

कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए अब तक कोई कारगर दवा भले ही नहीं आई है पर कई ऐसी दवाइयां हैं जो इस वायरस से लड़ने और स्वस्थ होने में शरीर की मदद करती हैं। कोरोना के विकराल होने के साथ बाजार में ऐसी दवाइयों की मांग बढ़ गई है।

Sunil NegiThu, 22 Apr 2021 10:03 AM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए अब तक कोई कारगर दवा भले ही नहीं आई है, पर कई ऐसी दवाइयां हैं जो इस वायरस से लड़ने और स्वस्थ होने में शरीर की मदद करती हैं। कोरोना संक्रमण के विकराल होने के साथ ही बाजार में ऐसी दवाइयों की मांग एकाएक बढ़ गई है। अकेले देहरादून शहर में ही एक सप्ताह के भीतर ऐसी दवाइयों की मांग में दस फीसद से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुकून इस बात का है कि फिलहाल बाजार में ये दवाएं पर्याप्त मात्र में उपलब्ध हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण में चिकित्सक मरीज के लक्षणों के आधार पर उन्हें दवाइयां दे रहे हैं। इन दवाइयों में मुख्य रूप से एजिथ्रोमाइसिन, आइवरमेक्टिन, पैरासीटामॉल, विटामिन-सी, जिंकोनिया आदि शामिल हैं। अब कोरोना की संभावना को देखते हुए लोग एहतियातन इन दवाइयों को खरीदकर घर में रख रहे हैं। इसके अलावा खांसी के सीरप की मांग भी बढ़ गई है। होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष नंदा ने बताया कि एजिथ्रोमाइसिन, आइवरमेक्टिन, पैरासीटामॉल, विटामिन-सी, जिंकोनिया आदि की मांग तेजी से बढ़ रही है। एक सप्ताह पहले तक जहां रोजाना एजिथ्रोमाइसिन के 10 पैक की बिक्री होती थी। अब यह आंकड़ा बढ़कर 100 से ऊपर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इन दवाइयों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है। ऐसे में लोग चिकित्सक की सलाह के बगैर भी ये दवाइयां खरीद रहे हैं।

केमिस्ट एसोसिएशन महानगर देहरादून के पूर्व अध्यक्ष टीएस अग्रवाल ने भी बताया कि कोरोना संक्रमण में कारगर दवाइयों की बिक्री में उछाल आया है। लोग इंटरनेट मीडिया के माध्यम से ऐसी दवाइयां ढूंढकर उन्हें खरीद रहे हैं। घंटाघर स्थित जोशी मेडिकल स्टोर के संचालक कमल जोशी ने बताया कि कोरोना संक्रमण में प्रभावी दवाइयों की मांग इतनी बढ़ गई है कि लोग बुकिंग तक कराने को तैयार हैं। इसमें खासतौर पर रेमडेसिविर इंजेक्शन शामिल है।

ऑक्सीमीटर, फेविविर की बाजार में कमी

बाजार में ऑक्सीमीटर, फेविविर और डॉक्सीसाइक्लिन कैप्सूल की भारी कमी है। ऑक्सीमीटर कई मेडिकल स्टोर के चक्कर काटने पर मिल पा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव में प्रभावी ग्लेनमार्क कंपनी की फेविविर टेबलेट मार्केट में उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा छाती के संक्रमण में प्रभावी एंटीबायोटिक डॉक्सीसाइक्लिन कैप्सूल की कमी चल रही है।

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