देहरादून: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों ने दिया धरना, हड़ताल की चेतावनी दी

बैंककर्मियों का कहना है कि शीतकालीन सत्र में बैंकिंग अधिनियम में परिवर्तन कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करने की सरकार की मंशा का हम सख्त विरोध करते हैं। सरकार ने निजीकरण किया तो 16 व 17 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।

Raksha PanthriFri, 03 Dec 2021 12:29 PM (IST)
देहरादून: सरकारी बैंकों के निजीकरण के फैसले के विरोध में बैंक कर्मियों का प्रदर्शन।

जागरण संवाददाता, देहरादून: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों ने महासंघ युनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले केंद्र सरकार के खिलाफ सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। बैंककर्मियों का कहना है कि शीतकालीन सत्र में बैंकिंग अधिनियम में परिवर्तन कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करने की सरकार की मंशा का हम सख्त विरोध करते हैं। सरकार ने निजीकरण किया तो 16 व 17 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।

एस्लेहाल चौक स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के बाहर शुक्रवार को कर्मचारी एकत्रित हुए थे। यूएफबीयू के प्रदेश संयोजक समदर्शी बड़थ्वाल ने कहा कि बैंकों का निजीकरण कर सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती हैं। सरकारी बैंक आम नागरिकों को सस्ती बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराते हैं। इन बैंकों का निजीकरण होने से जहां एक ओर लोग को महंगी बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी, उसके साथ ही इसका रोजगार पर भी बुरा असर पड़ेगा। सरकार की ओर से की गई घोषणाओं को जल्द वापस नहीं लिया गया तो बैंककर्मी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन करने वालों में डीएन उनियाल, विनय शर्मा, एसएस रजवाड़, राजन पुंडीर, पीआर कुकरेती, गोपाल तोमर, आरके गैरोला, निशांत शर्मा आदि शामिल रहे।

पीआरडी कर्मचारियों को विधानसभा कूच करने से रोका

प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों ने 365 दिन ड्यूटी की मांग को लेकर गांधी पार्क के बाहर प्रदर्शन किया। पीआरडी कर्मचारियों की गांधी पार्क से विधानसभा कूच की योजना थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश प्रसाद ने कहा कि पीआरडी जवान गांधी पार्क के सामने ही धरना प्रदर्शन करेंगे। जवानों का कहना है कि उन्हें साल के 365 दिन का रोजगार दिया जाए। बाहरी व्यक्तियों को बिना प्रशिक्षण के ही ड्यूटी दी जा रही है, जबकि प्रशिक्षण प्राप्त पीआरडी जवान खाली बैठे हुए हैं।

कोविड ड्यूटी के दौरान कोविड संक्रमण का शिकार हुए पीआरडी जवानों के स्वजन को भी मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने युवा कल्याण व प्रांतीय रक्षक दल विभाग को भी पृथक करने की मांग की। धरना स्थल पर प्रदेश सचिव हरीश सिंह, प्रदेश सलाहकार किशन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष बारू सिंह तोमर, नैनीताल जिलाध्यक्ष इंदर लाल, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

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