उत्तराखंड में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ शुरू होंगी खेल गतिविधियां, जानें- एसओपी में क्या कुछ है खास

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में खेल गतिविधियां शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए जारी मानक प्रचालन कार्यविधि के अनुसार (एसओपी) खेल संस्थान स्टेडियम एवं मैदान खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोले जाएंगे।

Raksha PanthriMon, 02 Aug 2021 08:05 AM (IST)
उत्तराखंड में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ शुरू होंगी खेल गतिविधियां।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में खेल गतिविधियां शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए जारी मानक प्रचालन कार्यविधि के अनुसार (एसओपी) खेल संस्थान, स्टेडियम एवं मैदान खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोले जाएंगे। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, गंभीर बीमारी वाले मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं का खेल परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है। अभी सरकार ने तैराकी को भी मंजूरी प्रदान नहीं की है। इसे शुरू करने की एसओपी अलग से जारी की जाएगी।

सचिव खेल एसए मुरूगेशन ने रविवार को प्रदेश में खेल गतिविधियों को शुरू करने के लिए एसओपी जारी की। इसके अनुसार खेल केंद्रों व स्टेडियम में केवल खिलाड़ियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। खेल गतिविधियों में नियंत्रण और निगरानी के लिए जिला स्तर पर कोविड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। सभी छोटे-बड़े खेल केंद्रों में प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों के मार्गदर्शन और निगरानी करने के साथ ही कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लाइजन अधिकारी की तैनाती की जाएगी।

यह अधिकारी सुनिश्चित करेगा कि खेल केंद्रों, कांप्लेक्स और स्टेडियम में सभी कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी नियमों व कायदों के बारे में प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही सभी खेल केंद्रों, कांप्लेक्स, स्टेडियम, सरकारी व निजी संस्थानों में भी कोविड टास्क फोर्स गठित की जाएगी। यहां तैनात लाइजन अधिकारी नियमित रूप से खेल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करेगा। यह अधिकारी आने वाले व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग कर इसे रजिस्टर में दर्ज करेगा। जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति होगी और सबके लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

प्रशिक्षण के दौरान मास्क पहनने से छूट रहेगी। खेल सुविधा का उपयोग करने के लिए स्लाट की भी व्यवस्था की जाएगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि दो स्लाट के बीच क्षेत्र को सैनिटाइज किया जाए। प्रत्येक खिलाड़ी अपने निजी स्पोट्र्स किट व उपकरण का प्रयोग करेगा। वह इन्हें किसी अन्य से साझा नहीं करेगा। एसओपी में कोच व सहयोगी स्टाफ के लिए भी क्या करें और क्या न करें के संबंध में जानकारी दी गई है। इसके साथ ही जिम व फिजियोथेरेपी कक्ष के उपयोग, मेडिकल सेंटर में सावधानी और आवासीय प्रशिक्षु व कर्मचारियों के लिए अपनाई जाने वाली सावधानी का जिक्र भी एसओपी में किया गया है।

संक्रमित पाए जाने पर परिसर होगा बंद

एसओपी में यह साफ किया गया है कि किसी खेल केंद्र में यदि कोई कोरोना से संक्रमित पाया जाता है तो उस परिसर को तुरंत बंद कर दिया जाएगा। जहां संक्रमित व्यक्ति की गतिविधियां रही हों, वहां किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश द्वार पर यह सूचना चस्पा की जाएगी कि इस क्षेत्र को बंद किया गया है। 24 घंटे की प्रतीक्षा के बाद उस क्षेत्र को सैनिटाइज किया जाएगा। स्वास्थ्य नोडल अधिकारी के दिशा-निर्देशों व निरीक्षण के बाद ही परिसर को खोलने की अनुमति दी जाएगी।

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