उत्तराखंड में सुस्त पड़ी टीकाकरण की रफ्तार, दिसंबर तक सौ फीसद वैक्सीनेशन का लक्ष्य होने लगा मुश्किल

Covid 19 Vaccination राज्य में दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य अब मुश्किल होता जा रहा है। वजह यह है कि टीकाकरण की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। पिछले कुछ वक्त में इसमें भारी गिरावट आई है।

Raksha PanthriMon, 25 Oct 2021 07:40 AM (IST)
उत्तराखंड में सुस्त पड़ी टीकाकरण की रफ्तार।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Covid 19 Vaccination उत्तराखंड में दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य मुश्किल होता जा रहा है। वजह यह है कि टीकाकरण की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। पिछले कुछ वक्त में इसमें भारी गिरावट आई है। सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटीज फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल के अनुसार 31 दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए राज्य में अब 50 लाख से अधिक खुराक लगाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 13 से 22 अक्टूबर तक यानी पिछले दस दिन में टीके की दो लाख 42 हजार 612 खुराक ही लगाई जा सकी हैं।

टीकाकरण से वंचित आबादी के दोहरे टीकाकरण के लिए अब दैनिक आधार पर 72,267 खुराक प्रतिदिन लगानी होगी। नौटियाल के अनुसार राज्य में हाल में आई आपदा की वजह से टीकाकरण में काफी कमी आई है। इससे आगे भी टीकाकरण में कमी की आंशका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 30 दिन से राज्य में काफी कम टीकाकरण हो रहा है। इससे सभी को दो खुराक लगाने के लक्ष्य को समय पर पूरा कर पाना कठिन हो गया है। बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही सभी पात्र व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली खुराक लग चुकी है। लेकिन, जिस तरह से टीकाकरण में सुस्ती आई है, उससे दूसरी खुराक का लक्ष्य हासिल करने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे हुआ टीकाकरण

अवधि: टीके की खुराक

15-24 जुलाई: 497594

25 जुलाई-3 अगस्त: 645081

4-13 अगस्त: 944518

14-23 अगस्त: 716328

24 अगस्त-2 सितंबर: 861446

3-12 सितंबर: 683358

13 सितंबर-22 सितंबर: 787390

23 सितंबर-2 अक्टूबर: 397894

3-12 अक्टूबर: 243150

13-22 अक्टूबर: 242612

नशामुक्ति केंद्र में भर्ती मरीज की मौत

नेहरू कालोनी स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कोरोनेशन अस्पताल में रखवा दिया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मृत्यु के असली कारणों का पता चल सकेगा। बाईपास चौकी के इंचार्ज जैनेंद्र राणा ने बताया कि इशांत शर्मा निवासी गुजराड़ा नशा छोड़ने के लिए दूरदर्शन केंद्र के निकट स्थित लाइफ केयर नशामुक्ति केंद्र में पांच महीने पहले भर्ती हुआ था। दो दिन से इशांत की तबीयत खराब थी। उसका नशामुक्ति केंद्र में ही इलाज चल रहा था। रविवार को हालत ज्यादा खराब हो गई तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि केंद्र संचालक के अनुसार इशांत को सांस लेने में परेशानी हो रही थी।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand Coronavirus: उत्तराखंड के दस जिलों में कोरोना का नया मामला नहीं, अब 163 मामले हैं सक्र‍िय

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.