Coronavirus Vaccination in Uttarakhand: कोरोना के अंत के लिए निर्णायक जंग की शुरुआत, पहले दिन 2226 स्वास्थ्य कर्मियों का हुआ टीकाकरण

कोरोना से जंग को महाअभियान, सीएम बोले- कोरोना वॉरियर्स की वजह से देश सुरक्षित। जागरण

Coronavirus Vaccination in Uttarakhand नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव के लिए आज से टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। राज्य में पहले दिन 34 स्थानों (बूथों) पर स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए गए हैं।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 08:20 AM (IST) Author: Raksha Panthri

जागरण संवाददाता, देहरादून। Coronavirus Vaccination in Uttarakhand  'सर्वे भवंतु सुखिन: सुर्वे संतु निरामया' की कामना के साथ कोरोना वायरस के अंत के लिए निर्णायक जंग की शुरुआत हो गई है। शनिवार को उत्तराखंड में भी टीकाकरण शुरू हो गया। पहले दिन 13 जनपदों में टीकाकरण के लिए निर्धारित 34 केंद्रों (चिकित्सा इकाइयों) पर 3178 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होना था, जिनमें 2226 को टीका लगाया गया। 

दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के नए ओपीडी ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने पहला टीका लगवाने वाले वार्ड ब्वॉय शैलेंद्र द्विवेदी व दूसरा टीका लगवाने वाले छाती एवं टीबी रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल को टीकाकरण का कार्ड सौंपा। उधर, एम्स ऋषिकेश में निदेशक प्रो. रविकांत ने भी पहले ही दिन टीका लगवाया।

कुंभ के लिए 20 हजार डोज मांगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य कॢमयों के टीकाकरण के लिए एक लाख 13 हजार वैक्सीन की खुराक मिली है, जो पचास हजार स्वास्थ्य कॢमयों के लिए है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कॢमयों के लिए अतिरिक्त वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी। राज्य सरकार ने हरिद्वार में महाकुंभ को देखते हुए केंद्र से बीस हजार अतिरिक्त कोरोना वैक्सीन देने का अनुरोध किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द राज्य को यह वैक्सीन उपलब्ध हो सकती हैं।

-अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत पहला टीका सफाई कर्मचारी मीना को लगा। 

सर्वर रहा डाउन, बाधित हुई टीकाकरण की प्रक्रिया  

हरिद्वार जिले के चार केंद्रों पर कोरोना से बचाव के टीके लगाए जा रहे हैं। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज स्थित केंद्र पर जिला, मेला और महिला अस्पताल के 100-100 कर्मियों को टीके लगाए जाने हैं। सुबह साढ़े दस बजे महिला अस्पताल से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक उमा दुबे वैक्सीन लेकर पहुंची। इसके बाद 11 बजकर 17 पर औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिला, मेला और महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता को पहला टीका लगाया गया। उन्हें आधे घंटे के लिए निगरानी कक्ष में रखा गया।

निगरानी कक्ष से बाहर निकलने के बाद सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि टीका लगने के बाद उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आई। कहा कि अस्पताल के सभी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को बेझिझक टीके लगाने को आगे आना चाहिए। हालांकि, साढ़े ग्यारह बजे सर्वर डाउन होने के चलते टीकाकरण की प्रक्रिया करीब 45 मिनट बाधित रही। ऑफलाइन टीकाकरण के उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद दोबारा 12 बजकर 15 मिनट पर प्रक्रिया शुरू हुई। जिलाधिकारी सी. रविशंकर और सीएमओ डॉ. एसके झा ने ऋषि कुल केंद्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

(ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज केंद्र पर सर्वर डाउन)

-कोटद्वार बेस चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रफीक अहमद को लगा कोरोना का पहला टीका। निगरानी कक्ष से बाहर आए रफीक ने टीकाकरण को लेकर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। वे टीका लगाने के लिए आम जनता को भी जागरूक करेंगे।

(कोटद्वार बेस चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रफीक अहमद को लगा पहला टीका)

-सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल को लगा पहला कोविड-19 वैक्सीन का टीका। 11 बजकर 24 मिनट पर हुआ टीकाकरण। 

(रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल को टीका लगाती हुई टीम) 

-टिहरी जिला अस्पताल में डा. राखी गुसांई को पहला टीका लगाया गया। उन्होंने कहा, वैक्सीन आने के बाद अब सब निश्चिंत हैं। वैक्सीन से देश को कोराना से मुक्ति मिलेगी। साथ ही पिछले कई महीनों से इस संक्रमण को लेकर जो भय का माहौल बना था उससे अब जनता को छुटकारा मिल पाएगा। 

(टिहरी में डॉक्टर राखी गुसाईं को लगा पहला कोविड टीका)

-राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में सबसे पहला टीका वॉर्ड बॉय शिव सिंह नेगी को लगाया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एनएस तोमर ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जारी निर्देश के अनुपालन में पहला टीका चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लगाया गया है। दूसरा टीका डॉ विजयेश भारद्वाज को लगाया गया।

(राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में सबसे पहला टीका वार्ड बॉय शिव सिंह नेगी को लगा पहला टीका)

-उत्तरकाशी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में फार्मासिस्ट गणेश प्रकाश डिमरी को लगा पहला कोविड-19 का टीका।

(पौड़ी जिला चिकित्सालय में पहले टीका लगाते सीएमएस डॉ. रमेश राणा) 

- मुख्यमंत्री त्रिवेंंद्र सिंह रावत पहुंचे दून अस्पताल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े।

- नई टिहरी जिला अस्पताल में डेंटल हाइजीनिस्ट अखिल वर्मा को पहला कोविड टीका लगाया जाएगा। सीएमओ डॉ. सुमन आर्य और सीएमएस डॉ. अमित रॉय के साथ अखिल वर्मा।

देहरादून के श्री महंत इंद्रेश अस्पताल में कोरोना वैक्सीनेशन से पहले व्यवस्थाओं का जायजा लेते श्री गुरुराम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल मेहता। 

(महंत इंद्रेश अस्पताल, देहरादून) 

- हरिद्वार में भी टीकाकरण की तैयारियां पूरी हो गई हैं। ऋषि कुल आयुर्वेदिक कालेज केंद्र पर कोरोना वैक्सीन पहुंच चुकी है। 

हरिद्वार मेला अस्पताल में सबसे पहले सीएमएस डॉ. राजेश को लगेगा टीका  

हरिद्वार जिला मेला और महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता टीकाकरण के लिए ऋषि कुल आयुर्वेदिक कालेज केंद्र पर पहुंच गए हैं। उन्होंने सबसे पहले टीके लगवाने की बात कही है। उनका कहना है कि वे इसलिए सबसे पहले टीका लगवा रहे हैं, जिससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ सके। 

उपजिलाधिकारी ने किया कोटद्वार बेस अस्पताल का मुआयना 

कोटद्वार बेस चिकित्सालय में कोविड-19 टीकाकरण की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा, सीओ अनिल जोशी चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर भवन में बनाए गए भवन का मुआयना कर रहे हैं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीसी काला ने बताया कि प्रथम चरण में राजकीय चिकित्सालय के 158 हेल्थ वर्कर को टीका लगना है। पहले दिन 100 स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों को टीके लगाए जाएंगे।

32 सरकारी चिकित्सा इकाईयां चिह्नित

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक और टीकाकरण अभियान की राज्य नोडल अधिकारी सोनिका ने बताया कि सभी 13 जनपदों में कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा। देहरादून जनपद में पांच, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर में चार-चार, नैनीताल में तीन और अन्य जनपदों में दो-दो बूथों पर स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण के लिए जो 32 सरकारी चिकित्सा इकाईयां चिह्नित की गई हैं। इनमें एम्स ऋषिकेश और ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज भी शामिल है, जबकि निजी चिकित्सा इकाईयों में हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज शामिल किया गया है। 

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