समन्वय बैठक में बोले दिव्यांगजन न्यायालय आयुक्त, दिव्यांगों के कल्याण को विभागों में समन्वय जरूरी

दिव्यांगों के कल्याण को विभागों में समन्वय जरूरी।

उत्तराखंड में अभी दिव्यांगों के लिए बहुत काम होना बाकी है। इसके लिए जरूरी है कि दिव्यांगों से जुड़े हर विभाग में समन्वय हो। दिव्यांगों की सहायता को संबंधित विभाग के अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर भी कदम उठाने होंगे तभी जाकर उन्हें पूरे हक मिलेंगे।

Raksha PanthriSun, 28 Feb 2021 01:03 PM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में अभी दिव्यांगों के लिए बहुत काम होना बाकी है। इसके लिए जरूरी है कि दिव्यांगों से जुड़े हर विभाग में समन्वय हो। दिव्यांगों की सहायता को संबंधित विभाग के अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर भी कदम उठाने होंगे, तभी जाकर उन्हें पूरे हक मिलेंगे। यह बात दिव्यांगजन न्यायालय आयुक्त सेनि. मेजर योगेंद्र यादव ने कार्यशाला और समन्वय बैठक में कही।

सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में शनिवार को आयोजित समन्वय बैठक में दिव्यांगजन न्यायालय ने प्रदेशभर से जुटे दिव्यांग एवं दिव्यांगों के लिए काम कर रहे संस्थाओं से सीधा संवाद किया। संस्थाओं ने वर्तमान में दिव्यांगों के सामने आ रही समस्याओं से न्यायालय को रूबरू करवाया। दिव्यांगजनों ने दिव्यांगों के लिए लागू योजनाओं का प्रचार- प्रसार उचित तरीके नहीं होने पर नाराजगी जताई। चमोली जिले के एनजीओ के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह गाडिय़ा ने कहा कि हर योजना एवं खेलों के व्यापक प्रचार की जरूरत है। हर प्रकार की दिव्यांगता के हिसाब से प्रचार किया जाना भी जरूरी है, ताकि कोई भी किसी योजना का लाभ पाने से अछूता न रह जाए।

वहीं, दिव्यांगों के विशेष पहचान पत्र (यूडीआइडी कार्ड) बनाने के लिए सीएससी केंद्रों पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। साथ ही एक कार्ड बनाने के लिए कई चक्कर काटने पड़ जाते हैं। जिस पर दिव्यांगजन न्यायालय आयुक्त सेनि. मेजर योगेंद्र यादव ने कहा कि यूडीआइडी कार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवस्था की गई है। इसके लिए तय शुल्क से अधिक रुपये चुकाना गलत है। शुल्क से अधिक रुपये लेने की शिकायत मिलने पर संबंधित सीएससी सेंटर पर कार्रवाई की जाएगी। 

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहे राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के निदेशक डॉ. हिमांशु दास ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की जानकारी दी। कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. अनुप डिमरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडेय, संयुक्त निदेशक खेल विभाग डॉ. धर्मेंद्र भट्ट, समग्र शिक्षा की राज्य समन्वयक अंजुम फातिमा आदि मौजूद रहे।

दिव्यांग और संस्थाओं की ओर से ये सुझाव मिले

-दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के हिसाब से मिले रोजगार, हर जिले दिव्यांग शिविरों का आयोजन हो

-दिव्यांगजनों का राज्यव्यापी सर्वेक्षण किया जाए

-दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को विशेष प्रयास हों

-हर प्रकार के दिव्यांगों के लिए आयोजित हों खेल प्रतियोगिता

-हर साल खेल विभाग की समीक्षा हो

-खेल में बेहतर प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगजनों को पुरस्कार और नौकरी मिले

-बसों के बस एवं कंडक्टर दिव्यांगों पर विशेष ध्यान दें और यात्रा में मदद करें

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