कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह बोले, जनप्रतिनिधि का काम जनता को गुमराह करना नहीं

टोल प्लाजा के विरोध में चल रहे क्रमिक अनश के 26 वें दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह दोबारा उन्हें अपना समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा करीब 20 दिन पहले की गई विधानसभा अध्यक्ष की घोषणा के बावजूद संबंधित आदेश का सामने न आना दुर्भाग्यपूर्ण है।

Raksha PanthriFri, 25 Jun 2021 03:53 PM (IST)
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह बोले, जनप्रतिनिधि का काम जनता को गुमराह करना नहीं।

संवाद सूत्र, रायवाला(देहरादून)। नेपालीफार्म में टोल प्लाजा के विरोध में सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे क्रमिक अनशन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि 20 दिन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की घोषणा के बावजूद संबंधित आदेश का सामने ना आना दुर्भाग्यपूर्ण है। चुने हुए जनप्रतिधि का काम जनता को गुमराह करना नहीं है।

शुक्रवार को धरना स्थल पर आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि टोल प्लाजा निरस्तीकरण संबंधी लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन को चलाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक को घेरते हुए उन्होंने कहा कि चुने गए जनप्रतिनिधियों को जनता को गुमराह करने के बजाय सामने आकर जवाब देना चाहिए। यदि टोल प्लाजा को निरस्त करने का आदेश जारी हुआ है तो उसे आंदोलनकारियों के बीच जाकर दिखाने में एक जनप्रतिनिधि को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

इस मौके पर कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कहा कि विधायक को क्षेत्र की जनता की नहीं बल्कि आगामी चुनाव की चिंता है। स्वयं उत्तराखंड सरकार में उच्च पद में रहने के बावजूद टोल प्लाजा के निरस्तीकरण का आदेश अब तक जनता के सामने नहीं ला पाए और अपने अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने का काम कर रहे है। इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी, भगवती प्रसाद सेमवाल, विजय पाल सिंह रावत, विक्रम सिंह भंडारी, वेद प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री से मिले आंदोलनकारी

प्रस्तावित नेपाली फार्म टोल प्लाजा विरोधी सर्वदलीय संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने देहरादून में मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल ने टोल प्लाजा निरस्तीकरण को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के प्रति शासन प्रशासन की उपेक्षा पर रोष जताया और लिखित शासनादेश जारी करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने उक्त संदर्भ में शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रधान सुनीता रावत, सविता शर्मा, देवेंद्र रावत, कृपाल सिंह रावत, सोहन सिंह रौतेला शामिल रहे।

यह भी पढ़ें- भाजपा ने आपातकाल की बरसी पर मनाया काला दिवस, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.