उत्तराखंड में भू-कानून, जनसंख्या कानून और नजूल भूमि को लेकर बनेगी कमेटी, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज होगी

उत्तराखंड में भू-कानून जनसंख्या कानून और नजूल भूमि से संबंधित विषयों के समाधान के लिए सरकार जल्द ही कमेटी का गठन करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।

Raksha PanthriSat, 31 Jul 2021 09:05 AM (IST)
उत्तराखंड में भू-कानून, जनसंख्या कानून और नजूल भूमि को लेकर बनेगी कमेटी

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में भू-कानून, जनसंख्या कानून और नजूल भूमि से संबंधित विषयों के समाधान के लिए सरकार जल्द ही कमेटी का गठन करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि देवस्थानम बोर्ड प्रदेश के पर्यटन व तीर्थाटन से जुड़ा विषय है और इसे लेकर सभी संबंधित पक्षों से वार्ता कर निर्णय लिया जाएगा। इसमें किसी के हित प्रभावित न हों, इसके लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास सरकार का एजेंडा है। अब तक उन्होंने राज्यहित में 50 से ज्यादा फैसले लिए हैं। गैरसैंण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह जनभावनाओं का केंद्र है और वहां ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप सभी जरूरी अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान राज्य के विकास पर है। जिन योजनाओं का शिलान्यास होगा, उनके लोकार्पण की व्यवस्था भी की जाएगी।

पहाड़ का पानी और जवानी दोनों राज्य के काम आए, इसके लिए प्रभावी ढंग से योजनाएं बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी विभागों में रिक्त चल रहे 24 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द आरंभ की जाएगी। 10 लाख से अधिक व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। प्रदेश में औद्योगीकरण में तेजी के मद्देनजर उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। इसके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ जरूरत पडऩे पर नीतियों में संशोधन भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित निदान के मद्देनजर सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्य दिवस पर सुबह 10 से 12 बजे तक जनसमस्याएं सुनें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जीरो पेंडेंसी पर जोर देते हुए शासन से लेकर जिलों तक सुशासन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जिलों के कार्य जिलों में ही हों और जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को संदर्भित न किए जाएं, इसके सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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