केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में आमजन के प्रवेश पर लगी रोक

केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में आमजन के प्रवेश पर लगी रोक

चकराता देश और प्रदेश में चल रही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम को केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में ताला लगा दिया गया है। आमजन के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

JagranSat, 17 Apr 2021 09:51 PM (IST)

संवाद सूत्र, चकराता: देश और प्रदेश में चल रही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने जन सुरक्षा को गाइड लाइन जारी की है। कोविड-19 के चलते भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग देहरादून मंडल ने पछवादून और जौनसार-बावर के पांच केंद्रीय संरक्षित स्मारकों को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया है। एएसआइ ने संरक्षित स्मारकों के बाहर मेन गेट में सूचना चस्पा कर आमजन के प्रवेश पर 15 मई तक रोक लगाई है। महासू मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगी रोक से बढ़े जन दबाव के चलते प्रशासन ने जनजाति समाज के लोक पर्व बिस्सू में सीमित श्रद्धालुओं को नियमों का अनुपालन करने पर पूजा-पाठ की सशर्त अनुमति दी है। मंदिर समिति ने कोरोना के चलते भंडारे का संचालन फिलहाल बंद कर दिया है।

कोरोना संक्रमण के खतरे से निपटने को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग देहरादून मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. आरके पटेल ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय केंद्र सरकार एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशन में राज्य के कुल 43 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में आमजन के प्रवेश पर 15 मई तक रोक लगा दी गई है। पछवादून के केंद्रीय संरक्षित स्मारक बाड़वाला के जगतग्राम में अश्वमेघ स्थल और जौनसार के कालसी में अशोक शिलालेख, महासू देवता मंदिर हनोल व शिव मंदिर लाखामंडल समेत चार केंद्रीय संरक्षित स्मारक शामिल है। आला अधिकारियों के निर्देशन में यहां तैनात एएसआइ कर्मियों ने क्षेत्र के चारों संरक्षित स्मारकों के मेन गेट में ताला लगा दिया। महासू देवता मंदिर हनोल को बंद करने से नाराज स्थानीय जनता ने मामले की शिकायत जिला प्रशासन व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से की। अटाल निवासी पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा, भाजपा नेता अमर सिंह चौहान, पूर्व कनिष्ठ उप्रपमुख खजान नेगी, चकराता ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष दिलीप तोमर, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम सिंह पंवार, युवा कल्याण समिति के अध्यक्ष बसंत शर्मा व शिलगुर-विजट महाराज मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष आनंद चौहान आदि ने कहा कि जौनसारी समाज में लोक परपंरा के अनुसार अप्रैल में बैशाखी में महासू देवता की पवित्र यात्रा मानी जाती है। इस दौरान लोक पर्व बिस्सू में स्थानीय लोग महासू देवता के दरबार में मत्था टेकने और पूजा-पाठ के लिए जाते हैं। महासू मंदिर में नियमित रूप से पूजा-पाठ होती है। ऐसे में पवित्र यात्रा के दौरान मंदिर में प्रवेश पर लगी रोक से स्थानीय जनता में निराशा है। बढ़ते जन दबाव के चलते जिलाधिकारी के निर्देशन में उपजिलाधिकारी संगीता कनौजिया ने तहसीलदार पूरण सिंह तोमर को हनोल मंदिर में कोविड-19 के नियमों का अनुपालन करने के साथ व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार की गाइड लाइन व शासन से जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है।

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