सिटी बस सेवा महासंघ ने कहा-सिटी बस चलाए सरकार, वरना ऑटो और ई-रिक्शा भी करे बंद

सिटी बस सेवा महासंघ ने कहा-सिटी बस चलाए सरकार, वरना ऑटो और ई-रिक्शा भी करे बंद।

शहर में कोविड कर्फ्यू लागू हुए दस दिन गुजर गए लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस ई-रिक्शा व ऑटो संचालकों के सामने पंगु साबित हो रहे हैं। जिलाधिकारी की ओर से कोविड कर्फ्यू के दौरान सार्वजनिक परिवहन सेवा पर प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन ई-रिक्शा और ऑटो बेधड़क दौड़ रहे।

Sunil NegiFri, 07 May 2021 12:08 PM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। शहर में कोविड कर्फ्यू लागू हुए दस दिन गुजर गए, लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस ई-रिक्शा व ऑटो संचालकों के सामने पंगु साबित हो रहे हैं। जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव की ओर से कोविड कर्फ्यू के दौरान सार्वजनिक परिवहन सेवा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन बीते दस दिन से ई-रिक्शा और ऑटो बेधड़क दौड़ रहे। यह न केवल कोविड कर्फ्यू का नियम तोड़ रहे हैं, बल्कि कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक शारीरिक दूरी के नियम की अवहेलना भी कर रहे हैं। इसके विरोध में सिटी बस सेवा महासंघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। मांग रखी गई है कि सरकार या तो सिटी बस के संचालन की भी मंजूरी दे, वरना ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन पर भी रोक लगाए। 

कोविड कर्फ्यू के दौरान प्रशासन ने ट्रेन व रोडवेज बस से आने वालों के लिए केवल बुकिंग कैब से गंतव्य तक पहुंचने की राहत दी हुई है। इसके अलावा कोई अन्य वाहन संचालित नहीं हो सकता है। इसके बावजूद शहर में ई-रिक्शा व ई-ऑटो बेधड़क दौड़ रहे हैं। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार संचालन की स्थिति में किसी यात्री वाहन में पचास फीसद से अधिक यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं है, लेकिन ई-रिक्शा और ई-ऑटो न केवल कोविड कफ्र्यू को तोड़ने का काम कर रहे, बल्कि यात्रियों की ज्यादा संख्या बैठाकर शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां भी उड़ा रहे हैं। ये न केवल रेलवे स्टेशन एवं आइएसबीटी से संचालित हो रहे बल्कि पूरा दिन शहर में यहां से वहां दौड़ते नजर आ रहे। मुख्य सड़कों व चाक-चौराहे से गुजरने के बावजूद पुलिस इन्हें रोकने का प्रयास तक नहीं कर रही। इस स्थिति में पूरा दिन लोग ई-रिक्शा व ई-ऑटो में घूमते हुए दिखाई दे रहे। सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने इस पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। 

चोरी छुपे दौड़ रहे विक्रम व मैजिक

ई-रिक्शा और ऑटो की देखादेखी अब विक्रम व टाटा मैजिक भी शहर में दौड़ने लगे हैं। गुरुवार को भी कईं मार्गों पर यह दौड़ते नजर आए। न पुलिस न कार्रवाई की और न ही परिवहन विभाग कहीं नजर आ रहा। ऐसे में सवाल उठ रहा कि सड़क पर जगह-जगह बैरियर लगाकर चेकिंग करने का दावा करने वाली पुलिस आखिर करती क्या है। न तो वह बेवजह घूम रही जनता पर कार्रवाई कर रही, न ही निजी वाहन पर कार्रवाई कर रही। यही वजह है कि विक्रम व टाटा मैजिक संचालकों के हौंसले बुलंद हैं और वह चोरी छुपे यात्रियों का परिवहन कर रहे हैं।

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