खुलने के दूसरे ही दिन स्कूल पहुंचे सीईओ, कहीं कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन तो कहीं शिक्षक नदारद; चढ़ा पारा

बीते रोज प्रदेशभर में 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूल खुलने के दूसरे दिन ही मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. मुकुल कुमार सती स्कूलों में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। मौके पर कई स्कूलों में बच्चे जमीन पर बैठे मिले तो कुछ में शिक्षक ही नदारद।

Raksha PanthriWed, 04 Aug 2021 12:05 PM (IST)
खुलने के दूसरे ही दिन स्कूल पहुंचे सीईओ, कहीं कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन तो कहीं शिक्षक नदारद।

जागरण संवाददाता, देहरादून। बीते रोज प्रदेशभर में 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूल खुलने के दूसरे दिन ही मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. मुकुल कुमार सती स्कूलों में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। मौके पर कई स्कूलों में बच्चे जमीन पर बैठे मिले तो कुछ में शिक्षक ही नदारद। कई स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन की बात भी सामने आई। यह सब देख मुख्य शिक्षा अधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्कूलों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

तीन महीने बाद कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूलों को खोला गया, लेकिन कुछ स्कूलों में अव्यवस्थाओं के हावी होने से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि फर्नीचर होने के बावजूद बच्चों को शिक्षक नीचे बैठा रहे हैं। मंगलवार को राजकीय इंटर कालेज, सेलाकुई में निरीक्षण के लिए पहुंचे मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. मुकुल कुमार सती ने पाया कि कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर होने के बावजूद भी उन्हेंं नीचे बैठाया गया था, जबकि स्कूल से प्रधानाचार्य और कुछ कक्षाओं से शिक्षक गायब रहे।

इतना ही नहीं, सरकार की ओर से जारी एसओपी का भी पालन न होने की वजह से मुख्य शिक्षा अधिकारी का पारा चढ़ गया और स्कूल के प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस थमा दिया। उधर, स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य संजय जैन को स्कूल में बच्चों की संख्या समेत अन्य जानकारी भी नहीं थी, जबकि अधिकतर शिक्षकों को आनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था का ज्ञान न होने से स्कूल न आने वाले छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ऐसा ही हाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सहसपुर का रहा। मुख्य शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य ही स्कूल से गायब रहे। जबकि स्कूल में कोरोना गाइडलाइन का भी पालन नहीं हो रहा था और कई शिक्षक अनुपस्थित रहे। ऐसे में स्कूल की प्रधानाचार्य दुर्गेश नन्दनी बहुगुणा को भी कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है। वहीं, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सहसपुर में अभिभावक की सहमति पत्र न होने पर भी बच्चों को क्लास में बैठाया गया। जिसपर स्कूल की प्रधानाचार्य ऊषा चमोली को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया।

मुख्य शिक्षाधिकारी डा मुकुल सती ने का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। तीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। तीन दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण खंड शिक्षा अधिकारी को देना होगा। जवाब संतोषजनक न मिलने पर प्रधानाचार्यों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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