हरिद्वार प्रवास पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय बोले, संप्रदाय विशेष नहीं, राष्ट्र का है राम मंदिर

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय बुधवार को तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर हैं। दौरे के पहले दिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के सदस्य अखंड परमधाम आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद महाराज से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

Raksha PanthriThu, 02 Dec 2021 10:49 AM (IST)
तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार: 11 करोड़ भारतवंशियों के समर्पण से श्रीराम जन्म भूमि मंदिर का निर्माण हो रहा है, जो इस बात का द्योतक है कि यह किसी धर्म विशेष का न होकर संपूर्ण राष्ट्र का मंदिर है। देश की पहचान ही राम से है। यह बात विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय ने कही। गुरुवार को हरिद्वार में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि मंदिर परिसर में आध्यात्मिकता के साथ आधुनिकता का संगम दिखेगा।

कहा कि वह इन दिनों तीन दिवसीय हरिद्वार प्रवास पर हैं। इस दौरान वह संत-महात्माओं के पास पहुंचकर राम मंदिर की निर्माणाधीन अवधि में दर्शन करने, निर्माण कार्य का अवलोकन करने और अपनी पावन उपस्थिति से निर्माण कार्य में भक्तिभाव भरने के लिए उन्हें अयोध्या जाने का निमंत्रण दे रहे हैं। प्रवास के दूसरे दिन उन्होंने संत-महात्माओं के साथ-साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रङ्क्षवद्र पुरी (निरंजनी) और आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि से अलग-अलग मुलाकात कर मंदिर निर्माण सहित विभिन्न मुद्दों पर करीब एक घंटा विमर्श किया।दोपहर बाद उन्होंने बड़ा अखाड़ा उदासीन के संतों से आशीर्वाद लेने के साथ उनसे भी मंदिर निर्माण आदि पर चर्चा की। इससे पहले सुबह श्रीहरी सेवा सनातन आश्रम भूपतवाला में संत-महात्माओं के सानिध्य में श्रीराम मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान से जुड़े प्रमुख कार्यकत्र्ताओं की संत संगोष्ठी को संबोधित किया।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि न्यास का प्रयास है कि मंदिर निर्माण में सरकार का एक भी पैसा खर्च न हो। इस मौके पर आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि ने कहा कि भारत वर्ष में सनातन संस्कृति की नवीन चेतना पुन: जागृत हो उठी है। सनातन धर्म के वैज्ञानिक ²ष्टिकोण पर सामान्य जनमानस की समझ बढ़ रही है। गौ, गंगा व गीता के महत्व को अब बुजुर्ग ही नहीं, युवा और बच्चे भी समझने का प्रयास कर रहे हैं।कहा कि धर्म का आधार प्रकृति है और प्रकृति ही जीवन का आधार है। पर्व, व्रत, त्यौहार आदि प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता प्रकट करते हैं। बैठक में केंद्रीय मंत्री धर्माचार्य संपर्क अशोक तिवारी, केंद्रीय सहमंत्री साध्वी कमलेश भारती, प्रांत उपाध्यक्ष संध्या कौशिक, नीता कपूर, नीलम त्रिपाठी, कुसुम शर्मा, अमित चौहान, पंकज चौहान, मयंक चौहान, अमित मुल्तानिया, प्रभाकर कश्यप, अनिरुद्ध भाटी, विदित शर्मा, अनिल गुप्ता आदि उपस्थित रहें। अध्यक्षता प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने की।

प्रवास कर दौरान चंपत राय ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक संरक्षक आशीष भैया, नया उदासीन अखाड़ा के महंत भगतराम, श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा के कोठरी श्रीमहंत दामोदर दास, महेंद्र दास, कमल दास, स्वामी रवि देव शास्त्री, महंत दामोदर शरण दास, महंत गंगादास, स्वामी रविंद्रानंद, संत जसङ्क्षवदर शास्त्री, संत अमनदीप ङ्क्षसह, डॉक्टर गंगा दास आदि से भी मुलाकात की।

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